विज्ञातीर्थ क्षेत्र पर विमल कुमार सुबोध कुमार, राजकुमार जैन ने किया जिनालय की नींव में ताम्र कलश स्थापित
गुन्सी
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ, गुन्सी (राज.) में विराजमान गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के ससंघ सान्निध्य में श्री श्री 1008 शांतिनाथ महानुष्ठान (विधान) रचाने का सौभाग्य श्रीमान जैनेन्द्र पाटनी वरुण पथ जयपुर वालों ने प्राप्त किया। रिद्धि सिद्धि कोटा से पधारे हुए यात्रियों ने श्रीसम्मेद शिखरजी की निर्विघ्न यात्रा संपन्न हेतु पूज्य माताजी से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
कोटा जैन ट्रांसपोर्ट वाले सुबोध पाटनी एवं राजकुमार जैन विमल पाटनी धानमंडी वालों ने निर्माणाधीन सहस्रकूट जिनालय का अवलोकन किया।तत्पश्चात जिनालय भूमि में ताम्र कलश स्थापन कर गुरु मां का वात्सल्यमयी आशीष प्राप्त किया।



गुरु माँ ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि- इस भारतवर्ष में जितने भी सिद्धक्षेत्र है उनकी पावन रज से यह क्षेत्र भी अतिशयकारी ऊर्जा एवं पवित्रता को प्राप्त होगा। और भक्तों की मनोकामना को पूर्ण रूप देने वाला आस्था का केन्द्र बनेगा । पवित्रता से पवित्रता बढ़ती है एवं अपवित्रता से अपवित्रता
आगामी 1 जनवरी 2024 वर्ष का शुभारंभ श्री 1008 शांतिनाथ भगवान का 108 कलशों द्वारा महामस्तकाभिषेक का महाआयोजन होगा ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
