अच्छे संसार को प्राप्त करना चाहते हैं तो अच्छे कर्म करें सुव्रतसागर महाराज
बीना
पूज्य मुनि श्री सुव्रतसागर महाराज ने कहा कि अपने पूर्व में किए हुए विचार या कर्म के परिणाम का ही फल संसार होता है।
महाराज श्री ने कहा कि हम जैसे विचार करते हैं, जैसे कर्म करेंगे, वैसा ही संसार हमें प्राप्त होगा, हम अच्छे संसार को प्राप्त करना चाहते हैं तो अच्छे कर्म करें। यदि बुरे कर्म करके अच्छे संसार को प्राप्त करना चाहते हैं तो यह संभव नहीं हो सकता।

इसी प्रकार यदि हम बुरे कर्म करेंगे तो बुरा संसार प्राप्त होगा यदि हम अच्छे कर्म करेंगे तो अच्छा संसार मिलेगा, बुरे कर्म करेंगे तो बड़ा संसार मिलेगा। उन्होंने कहा कि आप कैसा संसार चाहते हैं वैसे काम या विचार करना प्रारंभ करें।


संसार कुछ नहीं है केवल अपने किए हुए कर्मों का फल है, अपने किए गए विचारों का फल है। अगर हम अच्छे विचार करेंगे, अच्छा मिलेगा। बुरे विचार करेंगे बुरा मिलेगा। अपने कल्याण की ओर अग्रसर होते हुए दूसरों के कल्याण का भी ध्यान रखना है। यह संसार में विशेष बात मानी जाती है। जो व्यक्ति सिर्फ अपने कल्याण की ओर आगे बढ़ेगा। दूसरों की कल्याण पर ध्यान नहीं देगा वह व्यक्ति अपना कल्याण भी नहीं कर सकता और ना ही दूसरों का कल्याण हो सकेगा।

क्योंकि जब तक रास्ता प्रशस्त नहीं होगा तब तक हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे। और दूसरों का कल्याण किए बिना रास्ता अच्छा नहीं हो सकता। अपना कल्याण करना अनिवार्य है, लेकिन अपने कल्याण के पथ को अच्छा बनाने के लिए दूसरों का कल्याण भी जरूरी है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
