निर्यापक श्रमण मुनि श्री अभय सागर जी महाराज ससंघ से निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभव सागर जी महाराज का महामंगलमय भव्य महामिलन।
बंडा
निर्यापक श्रमण मुनि श्री अभय सागर जी महाराज ससंघ से निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभव सागर जी महाराज का महामंगलमय भव्य महामिलन हुआ
इस दौरान हजारों श्रावक-श्राविकाओं को इस शुभ घड़ी के साक्षी बनने तथा मुनि श्री संभव सागर जी महाराज की मंगल आगवानी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
,संत तो बहती दरिया है। जो एक स्थान पर नहीं टिकते। केवल चातुर्मास पर ही जैन संत विहार नहीं करते। इन दिनों दिगम्बर जैन संत मंगल विहार कर जगह-जगह जैन धर्म के सिद्धांतों का प्रचार,श्रावक-श्रावकों को धर्म से जोडऩे व बच्चों को संस्कारित करने में जुटे हैं।

बंडा (जिला–सागर) में गुरुवार को परम पूज्य आचार्य परमेष्ठि गुरुवर 108 विद्यासागर जी के परम प्रभावक शिष्यों दो उपसंघों का मिलन हुआ तो श्रावक भावुक हो उठे। हजारों लोगों की उपस्थिति व जयकारों के बीच बंडा में विराजित निर्यापक श्रमण मुनि श्री अभय सागर जी महाराज ससंघ से शाहपुर से मंगल चातुर्मास उपरांत विहार रत निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभवसागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश तथा निर्यापक श्रमण मुनि श्री अभय सागर जी महाराज ससंघ से महामंगल वात्सल्य महामिलन हुआ।

पचरंगी केसरिया पताकाएं लहराई। जयघोष की गूंज होती रही।यह दृश्य कभी-कभी देखने को मिलता है।


इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी हजारों श्रावक-श्राविकाएं बने। इस दौरान कोई मोबाइल पर फोटो कैद करने में जुटा रहा तो कोई वीडियों बनाते दिखा।

आगवानी की रही होड
आराध्य जैन सांधेलिया(पाटन) ने बताया की बंडा के सकल दिगम्बर जैन समाज ने मुनि श्री संभव सागर जी ससंघ की भव्य आगवानी की।श्रावकों में द्वयमुनियों के पाद-प्रक्षालन की होड सी लगी रही।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
