दिल्ली में आयोजित गिरनार आंदोलन में मेरठ का नेतृत्व किया कवि सौरभ सुमन ने
नई दिल्ली
जैन तीर्थ गिरनार सिद्ध क्षेत्र को लेकर विवाद बढ़ रहा है। विश्व जैन संगठन के नेतृत्व में रामलीला मैदान दिल्ली में एक विराट जन सभा आयोजित की। जिसमें पूरे देश से जैन धर्मावलंबी बड़ी संख्या में आए। जैन समाज मेरठ का नेतृत्व कवि सौरभ जैन सुमन ने किया। वहीं अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष श्री संजय जैन ने की।
इस अवसर पर कवि सौरभ जैन सुमन ने कहा की सनातन और जैन धर्म को अलग करने की साजिश है। कब तक विभाजित किए जाते रहेंगे हम? भगवा हमारे लिए पूज्य है किंतु यही भगवा जब जब किसी रावण ने धारा है तब तब अस्मिता की सीता का हरण हुआ है। उन्होंने कहा की महेश गिरी साधु का चोला पहनकर वीतरागी तपस्वी जैन मुनियों को अदालत और सलाखों के पीछे घसीटने की बात करता है इस पर भी अभी तक सरकार या प्रशासन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया ये शोचनीय है।

सौरभ जैन सुमन ने कहा की इस आंदोलन में महती भूमिका निभाने का दंड ये मिला की खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई।




अभी तक दोषी को पुलिस पकड़ नही सकी न ही आंदोलनकारियों की सुरक्षा का कोई इंतजाम किया गया। उन्होंने कहा की मुझे संजय जैन जी की भी जान का भय है। मैं प्रशासन से उनको सुरक्षा प्रदान करने की गुजारिश करता हूं।


सौरभ जैन सुमन ने अपनी प्रसिद्ध कविता गिरनार सुनाकर भारी संख्या में उपस्थित जैन समुदाय के लोगों में जोश भर दिया। वहीं इस आंदोलन में सम्मिलित होने उनके साथ अरिहंत ज्वैलर्स के स्वामी रितेश जैन भी गए थे जोकि मंच पर ही मौजूद रहे।
संजय जैन, विपिन जैन प्रिय, सौरभ जैन आदि के नेतृत्व में आंदोलन का प्रदर्शन किया गया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
