ताज खेमे मे मुनि श्री सुधासागर महाराज के प्रवचन एक इतिहास लिख गया भारतीय संस्कृति राग से वेराग्य की और जाने के रही है मुनिश्री

धर्म

ताज खेमे मे मुनि श्री सुधासागर महाराज के प्रवचन एक इतिहास लिख गया भारतीय संस्कृति राग से वेराग्य की और जाने के रही है मुनिश्री
आगरा
निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधासागर महाराज का मंगल प्रवचन ताजमहल के खेमे मे हुआ जो इतिहास के पन्नो पर लिखा जाएगा इसका श्रेय ताजगंज जैन समाज की शेली को जाता जबसे पूज्य गुरुदेव के चरण आगरा नगरी पर पडे है उससे पूर्व आगरा को ताज नगरी के रूप मे जाना जाता था अब इसे धर्म नगरी के रूप मे भी जाने जाने लगा है

 

 

 

अब पूज्य गुरुदेव की प्रेरणा से ताज को टक्कर देता हुआ एक लोकोदय तीर्थ का निर्माण किया जा रहा है आज साक्षात् दिखा ताज स्वयं सूर्य की किरणों के साथ गुरुदेव को निहार रहा था जो अपने आप मे एक ईतिहास लिख गया पूज्य गुरुदेव अपने आसन पर विराजमान थे स्वयं ताज गुरुदेव को निहार रहा था जो अपने आप मे अलोकिक था आपको बता दे इससे पूर्व अमेरिकन राष्ट्रपति बिल क्लिंटनही पहुचे थे उसके बाद पूज्य मुनि श्री यु कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी ऐसे पहले संत है जिन्होने इस खेमे मे विराजमान होकर सम्पूर्ण विश्व को उपदेश दिया सम्पूर्ण विश्व की निगाहे इन्ही पलो को देख रही थी जब ताज के सामने सरताज बैठे हुए थे

 

 

 

 

धर्म सभा की शुरुआत अलोकिक मंगलाचरण बालिकाओं द्वारा जिसमे णमोकार की महिमा के साथ सुधासागर की महिमा का वर्णन करते हुए अलोकिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया इसके उपरान्त चित्र अनावरण दीप प्रज्वलन महाराज श्री के चरणों का पद प्रक्षालन एवम शास्त्र भेट किए

इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री ने भारतीय संस्कृति का बखान किया उन्होने कहा भारतीय संस्कृति राग से वेराग्य की और जाने के रही है भारतीय संस्कृति मे लेडीज एंड जेंटलमैन नहीं बोला जाता मेरे प्यारे भाइयो बहनों माताओं कहकर संबोधन किया जाता है महाराज श्री ने कहा यदि तुम्हे भगवान बनना है तो भगवान की संस्कृति बनाओ ताजमहल को बीज बनाया और लोकोदय को उसका फल बनाया

 

उन्होने कहा एक मात्र भारत देश ऐसा है जो अपने देश को माता कहकर बुलाता है और वन्दे मातरम कहता है यह भारत की संस्कृति है जहा नदियों को भी माता कहकर पुकारा जाता है उन्होने कहा शहाजहा ने ताजमहल बनाया इसलिए बनाया की मेरे जाने के बाद मेरी संस्कृति बनी रहे।

धर्मसभा का संचालन करते हुए मनोज जैन बाकलीवाल ने ताजगंज जैन समाज शैली की जमकर तारीफ की एवम मुनिश्री ने भी ताजगंज जैन समाज की सराहना की
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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