रिमझिम फुहारो एवं बारिश के बीच कमल मंदिर में मुनिश्री सुयशसागर महाराज सानिध्य में कमल मंदिर में विधि विधान के साथ भगवान शीतल नाथ की प्रतिमा को स्थापित किया गया

धर्म

रिमझिम फुहारो एवं बारिश के बीच कमल मंदिर में मुनिश्री सुयशसागर महाराज सानिध्य में कमल मंदिर में विधि विधान के साथ भगवान शीतल नाथ की प्रतिमा को स्थापित किया गया
इटखोरी
रिमझिम बारिश एवं फुहारों के बीच मुनि श्री 108 सुयशसागर महाराज सानिध्य में इटखोरी के भदलपुर में निर्माण अधीन कमल मंदिर में भगवान शीतल नाथ की प्रतिमा को विधि विधान के साथ स्थापित किया गया।

 

 

 

इस अवसर पर पूज्य मुनिश्री सुयश सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में किसी भी परिस्थिति में धर्म का मार्ग नहीं छोड़ने की बात कही महाराज श्री ने कहा कि अनुकूलता ना हो फिर भी धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़े। उन्होंने कहा धर्म के मार्ग से ही शांति मिलती है। और इसी मार्ग से मानव का कल्याण होता है।

 

वही भारी बारिश एवं शीत लहर के बावजूद भी भक्तों में काफी उत्साह देखा गया वह बारिश का कोई भी प्रभाव नहीं देखने को मिला। आलम यह रहा की लोग बारिश में भीगते हुए इस आयोजन में पधारे। मंदिर की वेदी पर विधि विधान के साथ भगवान शीतल नाथ की प्रतिमा को भारी भरकम क्रेन के माध्यम से स्थापित किया गया। इसके पश्चात भव्य मंगल आरती की गई।

 

 

 

 

 

 

 

 

बुधवार की बेला में पूज्य मुनि संघ का मंगल आगमन क्षेत्र पर हुआ। और समाज जैन द्वारा उनके भव्य अगवानी की गई। उन्हें गांधी चौक चौक होते हुए शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया गया। और भदलपुर  की और मंगल विहार हुआ।

प्रतिमा का विवरण


भगवान शीतल नाथ की प्रतिमा मकराना राजस्थान में निर्मित हुई। शीतलनाथ तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री सुरेश झंझरी ने बताया कि कोविद के समय मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका। अब मंदिर का पूर्ण रूपेण निर्माण उपरांत मंदिर में विराजमान कर भगवान शीतल नाथ की प्रतिमा का विधि विधान के साथ अनुष्ठान किया जाएगा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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