सकारात्मक सोच भविष्य की दिशा में काम :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी*

धर्म

*सकारात्मक सोच भविष्य की दिशा में काम :- गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी*
गुन्सी

श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुन्सी के तत्वावधान में गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी के ससंघ सान्निध्य में गुरु माँ के मुखारविंद से शांतिधारा करने का सौभाग्य श्रीमान कपूरचंद इंदौर , शैलेन्द्र पाटनी निवाई वालों ने प्राप्त किया ।

 

 

 

 

शांतिनाथ भगवान के पादमूल में श्री शांतिनाथ मंडल विधान रचाने का अवसर श्रीमान सतीशचन्द्र प्रोफेसर लालकोठी जयपुर वालों ने प्राप्त किया । बड़े भक्तिभावों से मंडल पर 120 अर्घ्य समर्पित किये गये ।

 

 

 

 

 

पूज्य माताजी ने सभी को सकरात्मक विचार बनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि – पॉजिटिव थिंकिंग का हिंदी अर्थ सकारात्मक सोच होता है जिसका मतलब अच्छी सोच या हमेशा सही सोचना होता है। यदि कोई व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है तो वह कठिन समय में भी अच्छा ही सोचता है।  सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करना। एक व्यक्ति जो सकारात्मक तरीके से सोचता है, वह अपने आसपास के लोगों और घटनाओं के उज्‍ज्‍वल पक्ष पर ही ध्‍यान केंद्रित करता है। इसके साथ ही वे अपनी तमाम इच्छाओं को वश में कर अपनी नकारात्मक सोच को सकारात्मक सोच में बदल देता है।

यह है कि अपने सोचने के तरीके को बदलकर आप अपनी भावनाओं और अपने कार्यों को नियंत्रित कर सकते हैं। युवा वयस्क, विशेष रूप से, अपने जीवन में अधिक सकारात्मक सोच का उपयोग कर सकते हैं। अधिक सकारात्मक सोचने की शुरुआत करके, वे खुद पर विश्वास करना सीख सकते हैं और अपने व्यक्तिगत भविष्य की दिशा में काम कर सकते हैं।
आगामी 10 दिसम्बर 2023 को होने वाले पिच्छिका परिवर्तन एवं 108 फीट उत्तुंग कलशाकार सहस्रकूट जिनालय के भव्य शुभारम्भ में सम्मिलित होकर इस सुअवसर में साक्षी बनकर पुण्यार्जन करने का निवेदन क्षेत्र कमेटी द्वारा किया जा रहा है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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