आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के गृहस्थ अवस्था के ज्येष्ठ भ्राता श्री महावीर जैन अष्टगे ने सातवी प्रतिमा के व्रत ग्रहण किये
शिरपुर
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विश्व वन्दनीय आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के गृहस्थावस्था के ज्येष्ठ भ्राता श्री महावीर जैन अष्टगे ने त्याग तप की ओर बढ़ते हुए गुरुवार को शिरपुर अंतरिक्ष पार्श्वनाथ, जिला वाशिम, महाराष्ट्र में आचार्य श्री विद्यासाग़र महाराज सप्तम प्रतिमा ब्रह्मचर्य प्रतिमा के व्रत ग्रहण किए। यह एक महान क्षण कहे जाएगे क्योकी अब आचार्यश्री के गृहस्थावस्था के सभी परिवारजन मोक्षमार्ग पर आरूढ़ हो गए और विरक्ति की ओर अपने कदम बढ़ा चुके है। धन्य है पिता मलप्पा श्रीमति माता जिन्होंने ऐसे पुत्र पुत्रियों को जन्म दिया जो स्वयम मोक्ष मार्ग पर आरूढ़ होकर ओर को मुक्ति पथ पर ले जा रहे है। स्व ओर पर कल्याण की ओर अग्रसर है।

