पिच्छिका संयम का उपकरण है समय सागर महाराज 13 मुनिराजो का पिच्छिका परिवर्तन समारोह संपन्न
खुरई
निर्यापक श्रमण मुनिश्री108 समय सागर महाराज संघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह रविवार की बेला में आनंद धाम परिसर में संपन्न हुआ।
आयोजन के क्रम में नगर की पाठशाला के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जिसने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर बोलते हुए महाराज श्री ने कहा कि वर्ष भर में एक बार साधुओं की पिच्छिका बदली जाती है। उन्होंने बताया कि यह पिच्छिका मोर द्वारा छोड़े गए मयूर पंखों से तैयार होती है। और यह संयम का उपकरण है। जिसमें सूक्ष्म जीवों का घात न हो। यह पिच्छिका संयम का जीवन जीने का संदेश भी देती है। जीवन में नियमों का पालन करते हुए मोक्ष मार्ग पर बढ़ना ही लक्ष्य होना चाहिए। इस समारोह में भक्तों का काफी उत्साह भी देखा गया।

इन्हे मिला सौभाग्य
इस अभूतपूर्व आयोजन का कुशल संचालन मुनिश्री निर्ग्रंथ सागर महाराज व खुरई गौरव बाल ब्र नितिन भईया जी के निर्देशन में संपन्न हुआ

निर्यापक श्रमणश्री समयसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री ऋषि शिल्पा बजाज और
नई पिच्छिका देने श्री धर्मेंद्र सुभा खड्डर,



जेष्ठ मुनिश्री प्रशस्तसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका मोनिका सौरभ नवीन होटल खुरई , मुनिश्री मल्लीसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री गौरव दीप्ति जी बड़कुल खुरई मुनि श्री आनंदसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री वैभव, अनुजा बड़कुल खुरई, मुनि श्री निर्ग्रंथसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री दिल्ली वाले परिवार को, मुनि श्री निर्भ्रांतसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री संजय नीलम स्वाति मेडिकल, मुनि श्री निरालससागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री बंडा केरवाना, मुनि श्री निराकार सागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री संजय सुमन समैया, मुनि श्री निराश्रवसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री विवेक जैन सागर मुनि श्री निश्चित सागर महाराज की पुरानी पिच्छिका सागर निवासी को ,मुनि श्री निर्माण सागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री आलोक मीनू जी गिफ्ट खुरई,मुनिश्री निशंकसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका ल श्री अंकुर यशा सराफ खुरई, मुनिश्री निर्लेपसागर महाराज की पुरानी पिच्छिका श्री प्रतीक जी सुभी जी बड़कुल खुरई को प्राप्त हुई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
