रामगंज मंडी के आधार स्तंभ में से एक थे श्रीमान केवलचंद रांवका की दशम पुण्यतिथि पर भाव भीना नमन

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रामगंज मंडी के आधार स्तंभ में से एक थे श्रीमान केवलचंद रांवका की दशम पुण्यतिथि पर भाव भीना नमन
बहुत कम होते है दुनिया छोड़ जाने के बाद भी याद किए जाते रहे हैं।
यादें जिनकी भुलाए भुलाई नहीं जाती
हर क्षण सेवा समर्पण की मिसाल सदा याद आती

 

 

 

 

दुनिया में ऐसे कई व्यक्तित्व इस धरा पर अवतरित होते रहे हैं जो अपने जीवन को एक आयाम देते हुए गए हैं। उन्होंने अपने जीवन को केवल जीवन जीना ही नहीं अपितु जीवन जीने की कला के साथ जीवन को उन्नत बनाते हुए समाज के लिए प्रेरणा बने।

ऐसे व्यक्तित्व की बात कर रहा हू। जिन्हें रामगंज मंडी नगर का आधार स्तंभ कहा जाए तो कोई आश्चर्य की बात नही है। श्रीमान केवलचंद रांवका आज उनकी दशम पुण्यतिथि पर हम उन्हें भावभीना नमन करते हैं उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

 

 

 

श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन समाज के महामंत्री के पद पर रहते हुए भी कई अनुकरणीय कार्य किए। आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय के भी यह अध्यक्ष पद पर आसीन रहे और सक्रिय सहभागिता दी जो याद की जाती रहेगी। जब यह कार्यक्रम का संचालन किया करते थे तो समय की पाबंदी का विशेष ध्यान रखते थे। कई मर्तबा तो समय पर यदि कोई नहीं पहुंच पाता तो यह कार्यक्रम को शुरू कर देते थे इन्होंने कभी भी किसी व्यक्ति विशेष को महत्व नहीं दिया अपितु कर्मशील व्यक्तित्व को आगे लाने का प्रयास किया।

 

 

इन्हें सभी काका साहब कहकर संबोधन किया करते थे यह ख्याति लाभ से सदा परे रहें। कहा जाता है की विनम्रता ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निर्माण करती है यह उनके जीवन से सीखा जा सकता है। समाज सेवा में भी उनकी सहभागिता सदा याद की जाती रहेगी।

इन्हें पुरानी छाया चित्रों को एवम स्मृतियों को संजोकर रखना इनकी रुचि में एक रहा जिसका परिणाम आज देखने को मिलता है कि रामगंज मंडी में विगत वर्षों में क्या कुछ हुआ। ऐसे व्यक्तित्व सदा याद किए जाते रहेंगे।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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