रामगंजमंडी नगर में चातुर्मास के द्वारा पूज्य मुनिश्री विनीत सागर महाराज ने नगर को और युवा पीढ़ी को धर्म से जिस तरह जोड़ा उसे रामगंजमंडी नगर कभी नहीं भूल सकता पूज्य मुनिश्री के दीक्षा दिवस पर भाव भरी अभिव्यक्ति….

धर्म

रामगंजमंडी नगर में चातुर्मास के द्वारा पूज्य मुनिश्री विनीत सागर महाराज ने नगर को और युवा पीढ़ी को धर्म से जिस तरह जोड़ा उसे रामगंजमंडी नगर कभी नहीं भूल सकता पूज्य मुनिश्री के दीक्षा दिवस पर भाव भरी अभिव्यक्ति….

विश्व वन्दनीय आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज ने जो कलयुग मे सदयुग के जैसी शिष्य मण्डली का निर्माण किया वह सचमुच ही अनुपम है उनके शिष्य न सिर्फ अपना आत्मकल्याण कर रहे है अपितु सम्पूर्ण मानव जगत का कल्याण कर रहे है।

 

 

 

 

शरद पूर्णिमा के पावन दिन आचार्य श्री एक महापुण्यशाली जीव कुलभूषण को पूज्य मुनिश्री 108 विनीत सागर महाराज के रूप मे मुनि दीक्षा दी उसे स्मरण करते हुए आज हम उनका दीक्षा दिवस मना रहे है उनकी साधना उनका तप उनकी निर्मोहिता वास्तविकता में अनुपम है सचमुच इस पंचमयुग में भी चतुर्थ युग की चर्या का अनुपम उदाहरण है। उनका पावन सानिध्य रामगंजमंडी नगर को मिला उनकी आशीष उनकी प्रेरणा जो नगर वासियों को मिली उसके प्रति रामगंजमंडी नगर सदा ऋणी है युवाओं को धर्म से जोड़ा साथ ही साथ प्रतिदिन अभिषेक करने हेतु प्रेरित किया पूज्य महाराज श्री राग रंग से परे रहे यही कहूंगा


विद्या गुरु की बगिया के अनमोल मोती
साधना संयम की जीवंत प्रतिमूर्ति
जहां जहां इनके चरण पडे पावन है वो धरती
हित मित प्रिय वाणी
अमृत धार बही जो जन जन कल्याणी
चरणों मे कोटि कोटि नमामि

 

मुनि श्री हर क्षण मुस्कुराते
बड़ी बड़ी कमियों को निर्मल भाव से समझाते
भूले पथिक को राह दिखाते
मेरे गुरु विनीत सागर कहलाते।

 


भोले भाले अनाथ जन के जो है पावन धाम
ऐसे गुरुवर विनीत सागर जी को शत शत बार प्रणाम
मुनि श्री का जीवन परिचय
दीक्षा पूर्व नाम – बाल ब्र.कुलभूषण जी बारे (जैन)
पिता का नाम – श्री गणपत जी बारे (जैन)
माता का नाम – श्रीमति फूलाबाई जी बारे (जैन)

जन्म/दिनाक / तिथि/ 9-2-1961 फाल्गुन कृष्ण 8 वि.सं.2017
दिन स्थान – महातपुर जिला सोलापुर (महाराष्ट्र)
शिक्षा – बी.एस.सी. (प्रथम वर्ष)
ब्रह्मचर्य व्रत -14-9-1990 श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र मुक्तागिरी जी जिला बेतुल (म.प्र.)
क्षुल्लक दीक्षा – 7-10-1995 अश्विन शुक्ल 14 शनिवार वि.सं 2052
स्थान – दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र कुण्डलपुर जिला दमोह (म.प्र.)
ऐलक दीक्षा – 21-8-1996 श्रावण शुक्ल 7 वि.सं 2053
स्थान दिन – श्री दिगंबर जैन अतिशय धाम महुआ जी (गुजरात)
मुनि दीक्षा – 16-10-1997 अश्विन शुक्ल 15 (शरदपूर्णिमा) गुरुवार
वि.सं 2054
स्थान – सिद्धोदय सिद्ध क्षेत्र नेमावर जी जिला देवास (म.प्र.)
दीक्षा गुरु – विश्व वन्दनीय आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज
शत शत नमोस्तु अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *