पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के अवतरण दिवस पर भाव भरा नमन
10-10-1946 का पावन दिन जब शरद पूर्णिमा दिन था पूर्णिमा के चाँद सूर्य की ज्योति प्रकाश पूज अवतरित हुआ नगरी थी सदलगा जहा एक बाल गोपाल ने श्रीमति माता मल्लपा की बगिया मे जन्म लिया किसको पता था की यह बाल गोपाल धर्म रुपी रथ को आगे लेकर जाएगा और विद्याधर से विद्यासागर बन मानव जगत का कल्याण करेगा आज ऐसे महामना अवतरण दिवस मना रहे है

यही कामना करते है इस पावन दिवस पर यही भावना भाते है की




गुरुवर आप पूर्णायु हो
पूर्णायु दीर्घायु आप चिरायु हो
सदा स्वस्थ हो गुरुवर आप शतायु हो
गुरुवर आपकी शरण मिल जाए हर जन्म
मेरे लिए हम सबके लिए तेरी शरण
हम सबको मिल जाए यु ही हर जन्म
ज्ञान के सागर गुरुवर विद्यासागर हो
जैनों के तुम प्राण श्रमण दिवाकर हो
विद्या गुरु के चरणों मे हम सबका ही कोटि नमन
जिनके दर्शन से हो जाते पुलकित नयन
है गुरुवर आपके चरणों मे शत शत नमन
अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
