फूलों की नहीं आचरण की खुशबू होनी चाहिए:– आचार्य श्री सौरभ सागर महाराज
जयपुर – 18 अक्टूबर –
जयपुर की हृदय स्थली भट्टारक जी की नसिया में चल रहे 256 महामंडलीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान के अंतर्गत बुधवार को आचार्य सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धों की आराधना करते हुए मंडल पर जयकारों के बीच मंत्रोच्चार के साथ 32 अर्घ्य समर्पित किए गए।
जानकारी देते हुए विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा में आचार्य श्री सौरभ सागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति आज धर्महीन हो गया है।

व्यक्ति के पास आज धन कमाने का पर्याप्त समय है पर धर्म कमाने के लिए समय नहीं है। आज मानव भौतिकता की चकाचौंध में दौड़ा चला जा रहा है जिससे वह धर्म कर्म को भूल बैठा है और ऐसे में अपने आचरण के विपरीत कार्य करने लगा है। मंच संचालन मंत्री मनीष बैद ने किया।



गौरवाध्यक्ष राजीव जैन गाजियाबाद ने बताया कि पूज्य श्री के द्वारा प्रतिदिन सिद्ध चक्र महामंडल विधान पर आधारित श्रीपाल मीना सुंदरी के चरित्र का वर्णन भी किया जा रहा है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
