ऐलक श्री 105 क्षीरसागर जी महाराज के केशलोंच झांतला में आज अष्टानिका महापर्व की चतुर्दशी के दिन संपन्न हुए

धर्म

ऐलक श्री 105 क्षीरसागर जी महाराज के केशलोंच झांतला में आज अष्टानिका महापर्व की चतुर्दशी के दिन संपन्न हुए

झांतला मध्य प्रदेश
विगत 8 दिन पूर्व महाराज जी का विहार थड़ोद ग्राम से होकर झांतला के लिए हुआ था तब से लेकर ऐलक श्री 105 क्षीरसागर महाराज जी के द्वारा प्रवचन इत्यादि के माध्यम से धर्म की गंगा बह रही है। इसी बीच आज अष्टानिका महापर्व की चतुर्दशी के दिन महाराज जी ने प्रातः काल की बेला में केशलोंच किए,

 

 

 

जैन परंपरा में केशलोंच एक बहुत ही अत्यंत कठिन साधना है जिसमें अपने केश (बालों) को साधु अपने हाथों से उखाड़ कर घास फूस की भांति फेंक देते हैं, 

 

इसी क्रम में जिस दिन साधु केशलोंच करते हैं उस दिन उनका

उपवास भी रहता है, इस भीषण गर्मी में 48 घंटे तक बिना अन्न जल

 

 

के ग्रहण किए बिना रहना बहुत ही कठिन तपस्या हैं, ऐसे तप,त्याग

संयम के धारी ऐलक श्री क्षीरसागर जी महाराज के चरणों में बारंबार इच्छामि इच्छामि इच्छामि

प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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