विरासत में क्या मिला यह महत्वपूर्ण नहीं,महत्वपूर्ण है कि आप भविष्य को देकर क्या जा रहे हैं- आचार्य सौरभ सागर

धर्म

विरासत में क्या मिला यह महत्वपूर्ण नहीं,महत्वपूर्ण है कि आप भविष्य को देकर क्या जा रहे हैं- आचार्य सौरभ सागर

जयपुर –

17 अक्टूबर – जयपुर की हृदय स्थली भट्टारक जी की नसिया में चल रहे 256 महामंडलीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान के अंतर्गत मंगलवार को आचार्य सौरभ सागर महाराज के सानिध्य में सिद्धों की आराधना करते हुए मंडल पर जयकारों के बीच मंत्रोच्चार के साथ 16 अर्घ्य समर्पित किए गए।

 

 

 

 

इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा में आचार्य श्री सौरभ सागर महाराज ने कहा कि विरासत में हमें क्या मिला यह महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण यह है कि हम भविष्य को क्या देकर जा रहे हैं, अपनी संतानों को विरासत में आप संपत्ति नहीं संस्कार देकर के जाइए।

 

क्योंकि यदि आप संपत्ति देकर जाते हैं तो वह व्यसन आदि में लिप्त हो जाता है और यदि आप संस्कार देकर जाते हैं तो वह अपने जीवन की मनुष्य पर्याय को धन्य करता है। अपने माता-पिता का नाम रोशन करता है।

दीक्षार्थीयो कि हुई गोद भराई

गौरवाध्यक्ष राजीव जैन गाजियाबाद ने बताया कि विधान के दौरान दिल्ली में आचार्य श्री सुनील सागर महाराज के सानिध्य में होने वाली भव्य जैनेश्वरी दीक्षा के दीक्षार्थियों की यज्ञ नायक रमेश जैन तिजारिया,प्रदीप जैन, विनोद जैन कोटखावदा, पदम बिलाला, ओम प्रकाश काला सहित समिति के आलोक जैन तिजारिया, कमलेश जैन बावड़ी, शिखर जैन सारसोप, चेतन जैन निमोडिया, मनीष बैद द्वारा जयकारों के बीच
गोद भराई की गई।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *