जो हरे व्यवधान उसी का नाम है सिद्धचक्र विधान – आचार्य सौरभ सागर
जयपुर
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री सौरभ सागर महाराज ने आशीर्वचन में कहा कि ” यदि संसारचक्र से छुटकारा पाना है तो सिद्धचक्र की आराधना करनी ही होगी क्योंकि सिद्धचक्र की आराधना निराकार की आराधना है।
हम यहां बैठकर सिद्ध शिला पर विराजमान सिद्ध प्रभु के दर्शन चरम चक्षु से तो नहीं कर सकते किंतु भाव चक्षु से अवश्य ही कर सकते हैं। विचार करना कुछ चीजों का आनंद आंखें खोलकर देखने में नहीं है जो आंखें बंद करके नजर आता है महावीर की साधना आंखें खोल कर नहीं बंद करके देखने का विषय है। जो व्यक्ति कामी क्रोधी लालची होता है वह कभी भी प्रभु भक्ति नहीं कर पाता परमात्मा की आराधना शूरवीर ही कर पाते हैं परमात्मा की आराधना करते समय तुम्हें पदार्थ दिख रहे हैं तो तुम्हें परमार्थ की प्राप्ति नहीं हो सकती हमें सौभाग्य मिला है कि हम भी जिनेंद्र प्रभु की आराधना सिद्धो की भक्ति यहां पर करें जिस प्रकार से सिद्ध चक्र विधान की आराधना करके मैना सुंदरी ने अपने पति श्रीपाल आदि 700 मुनिराजों का कोड दूर किया था हम भी अपने सारे व्यवधानों को इस विधान से दूर कर सकते हैं क्योंकि जो हर सारे व्यवधान उसी का नाम है सिद्ध चक्र विधान।



कार्यक्रम संयोजक अतुल मंगल लवली ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को सायंकालीन सत्र में शाम 6 बजे श्रीजी की एवं आचार्य सौरभ सागर महाराज की महामंगल आरती की गई। इसके पश्चात आचार्यश्री के सानिध्य में शंका समाधान और आनंद यात्रा का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के पास अपनी शंकाएं रखी जिसका समाधान सौरभ सागर महाराज ने किया और आनंद यात्रा के दौरान आचार्य श्री ने उपस्थित श्रावकों और बच्चों से धार्मिक प्रश्न किए, सही जवाब देने वालों को समिति द्वारा पुरुस्कृत किया गया।

आचार्य सौरभ सागर महाराज का 53 वां अवतरण दिवस समारोह रविवार को
विनोद जैन कोटखावदा, अभिषेकजैन बिट्टू,सुनील साखुनियाँ से मिली जानकारी अनुसार भट्टारक जी की नसियां में चल रहे 10 दिवसीय महोत्सव के दौरान रविवार 22 अक्टूबर को आचार्य सौरभ सागर महाराज का 53 वाँ अवतरण दिवस मनाया जायेगा। जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालुगण जयपुर पहुंचेंगे और गुरुदेव का अवतरण दिवस मनाएंगे। समिति द्वारा इस मौके पर निर्धन लोगों को भोजन करवाया जायेगा, गरीब बच्चों को वस्त्र भेंट किए जायेगे साथ ही विभिन्न कार्यक्रम किए जायेगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
