एक स्थान पर अपने पूर्वजों को जोड़कर अपनी संस्कृति को बनाये रखें -मुनि पुंगव श्रीसुधासागर जी महाराज
मुंगावली –
अपने पूर्वजों को जोड़कर अपनी संस्कृति को बनाये रखें। हर क्षेत्र में इसको लगना है मुझे जो ज्ञान मिला है वह अपने पूर्वजों से मिला है। आप अपने कपड़ों में जोड़ें आचरण विचार में जोड़ें यह भेष महावीर को पसंद था यही वसीयत आपको कई गुना आगे बढ़ाती चली जायेगी। इसे खर्च नहीं करना इसे पूंजी बनाकर इससे ऐसी कमाई करना है कि आप एक दिन अरिहंत पद को प्राप्त कर पाएं।
पूर्वजों की सम्पत्ति को पूज्य पद की ओर ले जाये। आपके मां बाप सिर्फ आपके लिए पूज्य हो सकतें हैं लेकिन आप चाहें तो जो पूंजी आपको अपने माता-पिता से मिली है उससे एक जिनालय बनाकर उन्हें जगत से पुजवा सकते हैं। मुंगावली में बन रहें णमोदय तीर्थ को कौन नहीं पूजेगा। मैं क्या इस तीर्थ को देवता भी पूजेंगे। उक्त आशय के उदगार सुधा सागर जी महाराज ने विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए ।*



प्रातः काल की बेला में संस्कारधानी जबलपुर से सैंतीस बसों के साथ भक्तो का दल अंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोदय तीर्थ थूबोंन जी पहुंचा जहां सभी भक्तों ने अतिशय क्षेत्र की वंदना कर जगत कल्याण की कामना करते हुए महा शान्ति धारा की तथा मुंगावली में विराजमान आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ को श्री फल भेंट कर जबलपुर चातुर्मास के लिए निवेदन किया।



संस्कारधानी से पहली बार दर्शनोदय तीर्थ होते हुए मुंगावली पधारने पर कमेटी द्वारा इतने बड़े दल के सभी प्रमुख जनों का तिलक लगाकर पीत वस्त्र, माला पहनाकर स्वागत-सम्मान किया गया। इस दौरान भक्तों को परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज के पाद प्रक्षालन के साथ ही शास्त्र भेंट करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ ।
मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज को दर्शनोंदय तीर्थ थूबोंन जी कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टिंगू मिल के नेतृत्व में श्री फल भेंट किये व तीर्थ पर चल रहे निर्माण कार्यों से अवगत कराया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
