रामगंज मंडी में महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाए जाने का श्रेय नेमीचंद सुरलाया को 6 वी पुण्यतिथि पर नमन
रामगंजमंडी
हम ऐसी शख्सियत की बात कर रहे हैं जिन्होंने रामगंज मंडी के लिए अपनी कलम के माध्यम से रामगंज मंडी की आवाज को रामगंज मंडी की जनहित से जुड़ी समस्या को अपने कलम के माध्यम से देश के प्रमुख जन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तक को लिखा उन्हें इस कार्य में सफलता भी मिली।
हम बात कर रहे हैं श्रीमान नेमीचंद सुरलाया इनको नगर का आधार स्तंभ भी कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं कहीं जा सकती आज उनकी पुण्यतिथि होने पर उन्हें याद किया जाना आवश्यक है। अपने जीवन के अंतिम पलो में नगर के हित में सोचते थे। और उन्होंने गांधी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाने की मांग को रखा था। इनका कहना था कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी इस स्थान पर आए थे इसलिए यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा लगना चाहिए ताकि इसकी स्मृति सदा सदा बनी रहे। उन्होंने इसकी लड़ाई पत्र के माध्यम से एवं आधिकारिक स्तर पर बात करके भी की थी बात नहीं माने जाने पर उन्होंने अनशन तक की चेतावनी दे डाली थी।

आखिरकार उनकी हिम्मत उनका हौसला और उनका लक्ष्य नगर की प्रति और राष्ट्र प्रेम के प्रति था।

जो उनके जीवन काल में ना हो सका हो लेकिन उनका यह सपना उनके जाने के बाद हो पाया। यह उनकी की याद दिलाती है उसके साथ ही महात्मा गांधी की भी याद दिलाती है कि वह रामगंज मंडी आए थे। आज के दिन ऐसे व्यक्तित्व को हर नगर वासी को जानना आवश्यक है।
ऐसी महान विभूति के चरणों में मेरा कोटि-कोटि नमन
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
