चारों प्रकार की दान का अक्षय फल प्राप्त होता है ऐलक श्री विवेकानंद सागर महाराज
सागर
पूज्य ऐलक श्री विवेकानंद सागर महाराज ने उत्तम त्याग धर्म की महत्ता को बताया उन्होंने कहा कि दान का फल स्वयं और परिवार को इसका लाभ मिलता है। चारों प्रकार के दान का अक्षय फल प्राप्त होता है। उत्तम त्याग धर्म हमेशा प्रेरणा देने वाला होता है।
उन्होंने कहा की किसान भूमि में बीज डालता है और उसका अनंत गुना फल उसको मिलता है। व्यापारी लागत लगाता है तो उसका कई गुना फायदा होता है। यदि हम शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़े तो ऑक्सीजन नहीं ले सकते।


कार्बन डाइऑक्साइड छोड़िए। तभी ऑक्सीजन आपको मिलेगी। देने वाला हमेशा दाता होता है और लेने वाला लाला। नदियों का जल मीठा होता है। समुद्र संग्रह करता होता है लेकिन उसका पानी खारा होता है। आहार दान देने वाला हमेशा सुखी रहता है। औषधी दान देने वाला हमेशा निरोग रहता है। अभय दान देने वाला हमेशा निर्भय रहता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
