कर्म के उदय से सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं मुनि श्री सुव्रतसागर महाराज

धर्म

कर्म के उदय से सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं मुनि श्री सुव्रतसागर महाराज
बीना
मुनि श्री 108 मुनि श्री सुव्रतसागर महाराज ने उत्तम सत्य धर्म पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि समय के अनुसार से कर्म उदय से सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता है। सत्य झुक सकता है लेकिन मिट् नहीं सकता। कोई भी व्यक्ति हो वह झूठ से नफरत करता है कोई भी व्यक्ति यह कभी नहीं कहता है कि झूठ बोलता हूं हर एक व्यक्ति सत्य ही बोलते हो और हर एक व्यक्ति झूठ से नफरत होती है। इस दुनिया में सबको झूठ से नफरत होती है तो झूठ बोलता कौन है।

 

 

 

 

आज तक इसका पता नहीं चल पाया है। लेकिन इस दुनिया पर राज सत्य का ही चलता है। दुनिया के हर एक काम झूठ से नहीं विश्वास सत्य से चलते हैं। क्योंकि झूठ भी अपना चालान प्रचलन सत्य के साथ ही कर पाता है।

 

महाराज श्री ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि दूध बेचने वाला घर-घर जाता है शराब को तो लोग एक स्थान पर खरीद कर ले आते हैं। इसी तरह से सत्य को ठोके खाते हुए भटकना पड़ता है यह परेशान होना पड़ता है जूझना पड़ता है लेकिन झूठ का अंत बहुत दर्दनाक होता है और सत्य सिंहासन पर बैठकर अनंत काल तक राज करता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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