सागरों के सानिध्य में उमडा जन महासागर उपनयन मूलगुण संस्कार एवं युवा ऊर्जा महोत्सव संपन्न

धर्म

सागरों के सानिध्य में उमडा जन महासागर उपनयन मूलगुण संस्कार एवं युवा ऊर्जा महोत्सव संपन्न

घाटोल

वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर के भव्य पंडाल में आचार्य विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनि विमल सागर अनंत सागर,धर्म सागर एवं भाव सागर महाराज के सानिध्य में होने वाले बालकों का मूल गुण संस्कार एवं युवा ऊर्जा महोत्सव में भारी बारिश के बीच ऐसा जन सैलाब का ऐसा दृश्य उमडा मानो कि सागर महासागर में तब्दील हो गया जहां नन्हे मुन्ने बालकों के संस्कार को देखकर युवाओं में जोश भर गया वही आज प्रातः काल में मुनि संघ के सानिध्य में एवं ब्रह्मचारी रजनीश भैया के निर्देशन में पंडाल में जिनेंद्र भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा एवं पूजा अर्चना की गई तत्पश्चात सीर‌ पर मुकुट धारण किए ओर मुंडन एवं हाथों में मेहंदी लगाए हुए धोती दुपट्टा में आए हुए बालकों का मूल गुण संस्कार की क्रिया प्रारंभ की गई ।

 

 

 

जहां मुनिश्री विमल सागर जी महाराज के संघ ने बालकों को मांस मदिरा,शहद,नशीले पदार्थ,पांच उंदबर फलों का त्याग के साथ ही जीव दया का पालन, नित्य देव दर्शन एवं छने हुए पानी का उपयोग करने का नियम एवं संकल्प दिया गया।

किसी भी शुभ अवसर पर कवि सम्मेलन के आयोजन के लिए संपर्क करे, कवि जैन वीरेंद्र विद्रोही, 6306127196

 

जहां 8 वर्ष से लेकर अविवाहित 290 बालकों ने उक्त संकल्प को स्वीकार करने के उपरांत मुनि विमल सागर, अनंत सागर,धर्म सागर एवं भाव सागर महाराज के द्वारा बालकों के सिर पर चंदन से स्वास्तिक बनाकर उन्हें मंत्रौचार के माध्यम से संस्कारित किया गया एवं आजीवन इन नियमों का पालन करने का आशीर्वाद दिया गया!

 

 

 

इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए
मुनि विमल सागर महाराज ने कहा कि सदलगा में जन्मे विद्याधर पर उपनयन संस्कार हुए और उन संस्कारो का प्रभाव पड़ा जो प्रसिद्ध आचार्य बने, जन्म से कोई संस्कारित नहीं होता है, यह पुण्यवान बालक हैं जो इन बालकों के संस्कार हो रहे हैं, संस्कार से पाषाण से परमात्मा बन जाते हैं और पूज्य हो जाते हैं,सदाचारी, गुणवान बन जाते हैं बालक, दोषों को दूर करके गुणो का आरोपण करना संस्कार कहलाता है

 

 

 

 

,शिक्षा के साथ संस्कार जीवित रहेंगे तो परिवार, समाज, धर्म, देश सुरक्षित रहेगा, संस्कृति से समाज भी सुरक्षित रहेगा, संस्कारवान संत पूरे राष्ट्र को सुरक्षित करने की क्षमता रखते हैं, इन बच्चों की पढ़ाई निर्विघ्न संपन्न हो, संसार के सभी उत्कृष्ट पद प्राप्त हो, यह नमस्कार मंत्र जो दिया जा रहा है पावरफुल है वही इस कार्यक्रम में बागीदौरा,डडुका,आंजना, बड़ोदिया,कलिजरा,के साथ ही अन्य गांवों के प्रतिनिधि व बालक उपस्थित थे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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