जिस जीवन में सन्यास आ जाता है उसी दिन से सही जन्म हो जाता है प्रज्ञा सागर महाराज

धर्म

जिस जीवन में सन्यास आ जाता है उसी दिन से सही जन्म हो जाता है प्रज्ञा सागर महाराज

पुष्पगिरी
तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज सोनकच्छ स्थित पुष्पगिरी तीर्थ में वर्षा योग हेतु विराजमान है उन्होंने उनके जन्म महोत्सव पर बोलते हुए सही जन्म दीक्षा को बताया।

 

 

 

 

महाराज श्री ने कहा कि यह जन्म तो मुझे मेरी मां ने दिया है और आज मैं 51 साल का हुआ हूं लेकिन यह जन्म कुछ मायने रखता सही जन्म तो दीक्षा के दिन का होता है इस पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जिस जीवन में सन्यास आ जाता है उसी दिन सही जन्म हो जाता है।

 

आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने अपने 51 में जन्मोत्सव समारोह के अंतर्गत यह बात कही यह आयोजन पुष्पगिरी तीर्थ के अंतरमना पद्मश्री माताजी सभागृह में हुआ। आचार्य श्री का जन्म दिवस महोत्सव परोपकार दिवस के रूप में मनाया गया। आयोजन के क्रम में प्रातः कालीन बेला में शांति धारा अभिषेक किया गया एवं पर्यावरण संरक्षण की मुहिम 51 फलदार पौधे भी लगाए गए।

रोमिल पाटनी से मिली जानकारी अनुसार जन्मोत्सव के 1 दिन पूर्व की संध्या बेला में आचार्य श्री के जन्मोत्सव पर एक शाम गुरुदेव के नाम भजन संध्या आयोजित की गई जिसमें मयूर जैन इंदौर ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया वह वातावरण को भक्ति में बना दिया। जन्मोत्सव की आयोजन की शुरुआत में सर्वप्रथम चातुर्मास समिति के सदस्य एवं गुरु भक्त द्वारा आचार्य विमल सागर जी महाराज जो आचार्य श्री पुष्पदंट्स सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया। इस अवसर पर 61 यूनिट रक्तदान भी हुआ। आयोजन से पूर्व पूज्य गुरुदेव के दर्शन करने सोनकच्छ भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी राजेश सोनकर पुष्पगिरी तीर्थ पहुंचकर आचार्य श्री का आशीर्वाद लिया।

आचार्य प्रज्ञा सागर आत्मकथा का मंचन किया गया
सोनकच्छ दिगंबर जैन समाज के महिला मंडल द्वारा आचार्य श्री के जीवन पर आधारित आचार्य प्रज्ञा सागर आत्मकथा का नाटकीय मंचन भी किया गया।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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