हमारे जीवन में विनय संपन्नता भावना का बड़ा महत्व होता है आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
उदयपुर
वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज जी ने उदयपुर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए विनम्रता को जीवन में धारण करने की बात कही।
महाराज श्री ने प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे जीवन में विनय का भाव होना होना चाहिए। यदि हम विनम्र रहेंगे तो सामने वाला भी विनम्र भाव रखेगा। विनय संपन्नता भावना को सभी भावनाओं में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विनय संपन्नता भावना का महत्व बताते हुए कहा कि इस भावना का बहुत बड़ा महत्व होता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
