हम युगों युगों तक तेरी यश गाथा गाएंगे
मल्लप्पा श्रीमंती के विद्यासागर की जय बोलो
मातृभूमि सदलगा गांव विद्यासागर की जय बोलो
हे संत शिरोमणि जयहो ,आचार्य देवगुरु जय हो
आचार्य ज्ञानसागर के शिष्य के चरणों शीश झुकाएंगे
जिन भक्ति के आधार..भुला न पाएंगे
हम युगों युगों तेरी यश गाथा गाएंगे.
करुणा के सागर दया के सागर ज्ञान के सागर जय हो
संत शिरोमणि विद्यासागर ज्ञान के सागर जय हो ,,,जय हो
चिंता है मानव की पशुओं की दानव की
जीव जगत की हर प्राणों की हर सांसों के आश्रय की
मान किया,सम्मान किया गुणगान किया अपने गुरु का
ज्ञान रत्न विद्या सागर ने वचन निभाया गुरुकुल का
हे संत शिरोमणि जयहो ….
भाग्योदय, दयोदय,ज्ञानोदय,सर्वोदय सार दिया चन्द्र गिरि,सिद्धोदय,बीना बारहा का उद्धार किया
मढ़िया,कोनी,रामटेक,अगणित तीर्थों में वास किया
गुरु कुल शिक्षा-दीक्षा में गुरुवर ने अथक प्रयास किया
हे संत शिरोमणि जयहो ….
नीति धर्म दर्शन आध्यात्मिक विषयों पर कर दिए सृजन
प्रवचन,सूत्र,शतक,क्षणिकाएं,लघु काव्य, स्तुति
दर्शन
महाकवि निष्णात दिव्य आलोकित छवि निराली है
भाषा ज्ञान और भाषा शैली मन को हरने वाली है
हे संत शिरोमणि जयहो …
शब्द शिल्पी एवं स्वर-अवशेष जैन जबलपुर
संकलन कर्ता -अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी,
