आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की निश्रा में क्षुल्लक श्री अल्हाद सागरजी महाराज की सल्लेखना पूर्वक समाधि
डोंगरगढ़
संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महामुनिराज की निश्रा में तीर्थ क्षेत्र चन्द्रगिरी डोंगरगढ़,(छ.ग) में बारामती, महाराष्ट्र के निवासी 98 वर्षीय ब्र.वालचंद काका संघवी(दशम प्रतिमाधारी आल्हादसागर जी) की क्षुल्लक दीक्षा सम्पन्न हुई थी।
और मंगलवार की बेला मंगल लेकर की आई उनके जीवन को धन्य कर गई और उन्होंने मानव देह को धन्य कर गुरु चरणों में उत्कृष्ट समाधि मरण को दोपहर 4:50 मी.पर समाधिमरण प्राप्त किया। निश्चित रूप से इसे दुर्लभ ही कहा जाएगा गुरु चरणों में सल्लेखना पूर्वक समाधि हो। यह संसार नश्वर है लेकिन संसार में रहकर यदि व्यक्ति का भाव लिए जीवन के अंत समय में यदि संलेखना पूर्वक समाधि हो वह भी गुरु चरणों में तो इस उत्कृष्ट मरण कहा जाता है जो अनंत जन्मों के पुण्य से ही प्राप्त होता है
शांति विद्या प्रभावना संघ से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
