जिस दिन आपका श्रद्धान बन जायेगा उसी दिन से आपके अच्छे दिन शुरू हो जाएंगे सुधा सागर महाराज
आगरा
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन मे अपने मंगल प्रवचन में कहा कि हमारी जीवन की प्रातःका शुभारंभ व मंगलाचरण मंदिर एवम भगवान के नाम से होना चाहिए ऐसा करने से आपका दिन मंगलमय होगा।
उन्होंने कहा कि आज तुम गुरु का उपयोग केवल ख्याति लाभ के लिए कर रहे हो। उन्होंने यथार्थ सत्य बताते हुए कहा कि यदि एक बार मैंने सभा में आपकी रैकिंग ले ली तो धर्म सभा तो छोड़ो हरि पर्वत आना भी बंद हो जाओगे। महाराज श्री ने एकलव्य जेसी गुरु भक्ति की बात करते हुए कहा की गुरु भक्ति में एकलव्य ने अपने हाथ का अगुठा दे दिया यहां तो आपके दुर्गुणों को दूर करने की बात करने पर आप खिसक जाते हैं। आप अपनी अनुकूलता में धर्म करना चाहते हैं आपका श्रद्धान नहीं है। जिस दिन आपका श्रद्धान बन जायेगा उसी दिन से आपके अच्छे दिन शुरू हो जाएंगे।
उन्होंने कहा-दुश्मन के स्थान पर गुरु का थप्पड़ खायें दुश्मन यदि तुम्हारे पीछे पड़ गया तो वह हाथ पैर भी तोड सकता है और यदि गुरु नाराज हो गया तो वह तुम्हारा भविष्य सुधारने का ही काम करेगा। इसलिए गुरु मां बाप का थप्पड़ खा लेना जो भी मां बाप है उनको यदि बेटे को डांटना पिटाई करना नहीं आता वो मां बाप बनने की अधिकारी नहीं है। मां बाप की ओर इशारा करते हुए महाराज श्री ने कहा कि मां बाप को बेटे की पिटाई करना आना ही चाहिए। सच्चा बेटा होगा तो गुरु मां बाप की पिटाई से कभी नाराज़ होगा ही नहीं और जो बच्चे मां बाप से भाग जाते हैं वे मुम्बई में होटलो पर बर्तन मांजते देखें जातें हैं। एकलव्य के गुरु ने नाराज होकर निकाल दिया फिर भी उसने कहा कि मेरे विकास के लिए ही गुरु नाराज हुए हैं वे तो मेरा भला चाहते हैं।
देश की खिलाफ नहीं जाना चाहिए
पूज्य महाराज श्री ने कहा की देश के खिलाफ नही जाना चाहिए। आपका यदि भारत देश को छोड़कर विदेश रहने का भाव आ जायें तो आप अगले भव में भारत मे जन्म लेने से तरसोगें हम विदेशी वस्तु का उपयोग करते ये भारत को गुलाम बनाने का तरीका है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
