मैनपुरी की साधना जैन अंतरमना प्रसन्न सागर जी महाराज के सानिध्य में शुरू की सिंह निष्क्रीडित व्रत की साधना

धर्म

मैनपुरी की साधना जैन अंतरमना प्रसन्न सागर जी महाराज के सानिध्य में शुरू की सिंह निष्क्रीडित व्रत की साधना
कुंजवन उदगाव

श्रीमती साधना जैन मैनपुरी कुंजवन उदगांव में महा तपस्वी अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज के संघ सानिध्य,उपाध्याय श्री 108 पीयूष सागर जी महाराज व क्षुल्लिका 105 वचनप्रभामति माताजी के सानिध्य में लघु सिंह निष्क्रीडित व्रत की तपस्या की और अग्रसर है।

 

 

 

 

 

यह तपो साधना कैसी होती है।
यह उत्कृष्टता साधना होती है जो बिरले व्यक्तित्व ही कर पाते है। श्री पीयूष कासलीवाल नरेंद्र अजमेरा ने बताया यह तपोसाधना आज 6 अगस्त से प्रारंभ होकर 80 दिन तक चलेगी जिसमें केवल 20 दिन आहार के साथ पारणा होगा। व 60 दिन उपवास रहेगा।एक उपवास एक आहार,2उपवास,एक आहार,3उपवास एक आहार ऐसे क्रमशः 5 उपवास एक आहार फिर क्रमशः घटाना, फिर वृद्धि फिर कम।उत्कृष्ट में 10 उपवास के बीच एक पारणा होगी।गृहस्थ के लिये महान तप साधना है।अनंत कर्मों की निर्जरा, देव गति के बन्ध का कारण आदि अनेक फल देने वाला है।

 

धन्य वे जीव जो इस पंचम काल में ऐसी उष्ण तपस्या कर अपने मानव जीवन को सफल बना रहे।सामान्य जन जो अपने को ऐसे तप करने में असमर्थ मानते है।निश्चित रूप से ऐसी तपस्वी की अनुमोदना,हैं। परमात्मा से प्रार्थना करना चाहिए कि उनकी तप साधना सानन्द पूर्ण हो।सभी तपस्वी के चरणों में नमन।तप व तपस्वी की विनय भक्ति ही तप विनय है।

एक परिचय साधना जैन का
श्रीमती साधना जैन डॉ सुशील जैन की धर्मपत्नी हैं। जो मैनपुरी उत्तर प्रदेश निवासी हैं। नियम संकल्प धर्म परायण व्यक्तित्व महिला ने त्याग तपस्या की और अग्रसर होते हुए सन2012 में अजमेर में अन्तर्मना प्रसन्न महाराज श्री से दशलक्षण के व्रत का संकल्प लेकर 10 वर्ष तक उपवास किये। इसी के साथ वर्ष 2018 में अहमदाबाद में अन्तर्मना के सानिध्य में ही सोलहकारण के 16 उपवास किये उनकी तपस्या की अनुमोदना करते हुए सर्वतोभद्र श्री परिवार “का गौरव से अलंकृत किया जा चुका है। तपस्वी साधना जैन मैनपुरी नगर की प्रथम तपस्वी हैं।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट

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