बंधाजी के अजितनाथ भगवान का अतिशय आपको सुख शांति समृद्धि से समृद्ध करेगा ऐसा विश्वास है विनम्र सागर महाराज
बंधाजी
पूर्णमासी की परंपरा अनुसार मंगलवार की अनुपम बेला में अतिशय क्षेत्र बंधा जी में मुनि श्री 108 विनम्र सागर महाराज सन के सानिध्य में ढाई हजार पूर्णमासी कलश स्थापित किए गए।
मंगलवार की अनुपम बेला में पूर्णमासी कलश स्थापना समारोह में लगभग 10,000 से अधिक लोग इसके साक्षी बने। सोमवार से ही बड़ी संख्या में भक्तों का यहां पहुंचना शुरू हो गया था। जिन भक्तों ने पिछले पूर्णमासी पर कलश स्थापित किए थे वह यही पूर्णमासी कलश अपने घर पर ले जाकर अपने घर पर स्थापित करेंगे।

वही इस पावन क्षेत्र पर 5 व 6 सितंबर को युवक-युवती परिचय सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। श्री प्रदीप जैन से मिली जानकारी अनुसार पूज्य मुनि श्री के प्रवचन ऑनलाइन व यूट्यूब के माध्यम से काफी संख्या में भक्त सुनकर अपने जीवन का कल्याण कर रहे हैं। पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में यह पूर्णमासी कलश स्थापना समारोह विगत 5 माह से किया जा रहा है। अंतिम कलश की स्थापना 31 अगस्त को पूर्णमासी के दिन होगी।
पूज्य मुनि श्री ने इस अनुपम बेला में अपनी वाणी से कृतार्थ करते हुए सभी को शांतिधारा करने के और प्रेरित किया उन्होंने कहा कि शांति धारा करने से जीवन में शांति एवं सरलता आती है। बंधाजी के अजीतनाथ भगवान के विषय में एवं यहां के अतिशय के विषय में कहा कि इन के दरबार में आकर आप अपने अंदर की शत्रुता को समाप्त करने के लिए एक बार शांति विधान अवश्य कीजिए। इस पावन अतिशय क्षेत्र बंधाजी में प्रतिवर्ष 1000 से 2000 से भी अधिक शांति विधान होते रहते हैं। शांतिनाथ विधान के विषय में महाराज श्री ने कहा कि शांतिनाथ महामंडल विधान करने से अजीतनाथ भगवान के अतिशय से आपके जीवन में सुख शांति समृद्धि एवं आपका जीवन समृद्ध होगा ऐसा हमारा विश्वास है। इस आयोजन में दिल्ली, नागपुर,भोपाल, सागर,इंदौर, जबलपुर,ग्वालियर,झांसी, गुड़गांव, टीकमगढ़ आदि अनेक स्थानों के भक्त शामिल हुए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
