चंडीगढ़ में देखने को मिले ऐतिहासिक क्षण 128 से अविवाहित युवक-युवतियों द्वारा पूज्य आचार्य श्री सुबलसागर जी महाराज का पड़गाहन कर आहार चर्या का लाभ लिया

धर्म

चंडीगढ़ में देखने को मिले ऐतिहासिक क्षण 128 से अविवाहित युवक-युवतियों द्वारा पूज्य आचार्य श्री सुबलसागर जी महाराज का पड़गाहन कर आहार चर्या का लाभ लिया

चंडीगढ़।
2 राज्यों की राजधानी व पर्यटक दृष्टि से महत्वपूर्ण कही जाने वाली नगरी चंडीगढ़ में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिले जिससे यह लगने लगा कि मानो अब चंडीगढ़ एक धर्म नगरी बन गई हो।

 

 

 

 

 

 

जानकारी देते हुए दिगंबर जैन मंदिर चंडीगढ़ सेक्टर 27 के मयंक जैन ने हमें बताया कि रविवार का पावन दिन होने से बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा था लगभग 128 से अधिक अविवाहित युवक-युवतियों ने पूज्य गुरुदेव का पडगाहन किया वह आहारचर्या का पुण्य लाभ प्राप्त किया। इन बच्चों में चंडीगढ़ की जैन समाज में जो उत्साह दिख रहा था मानो लग रहा था कि आज चंडीगढ़ धर्म नगरी बन गई हो इन चित्रों को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने ऐतिहासिक और दुर्लभ क्षण होंगे। जय जयकारों की गूंज संपूर्ण विश्व में चंडीगढ़ का एक कीर्तिमान लिख रही थी। आज यह देखने को मिला कि शहरों में भी धर्म के प्रति लगाव देखने को मिल रहा है। ऐसी क्षण निश्चित रूप से संजोकर रखने वाले क्षण कहे जाते हैं। सुबह से ही बच्चे युवा धोती दुपट्टा में दिखने लगे थे। साथ ही महिला वर्ग भी इन पलों को खोना नहीं चाहते थे और गुरु के चरणों में अपना समर्पित भाव रखते हुए रविवार को ऐतिहासिक बना रहे थे और गुरु चरणों में अपना सर्वस्व समर्पित कर रहे थे। मन के यही भाव दिख रहे थे गुरु तेरे चरणों में सर को झुका लिया है।
जमीन पर खड़े आसमां को झुका लिया है।

 

 

 


भौतिकता की इस चकाचौंध में जहा भागमभाग की जिंदगी है विशेषकर शहरों में आज यह देखने को मिला कि शहर के लोग भी धर्म से अछूते नहीं है।
निश्चित रूप से आज चंडीगढ़ ने यह दिखा दिया कि धर्म कार्यों के प्रति चंडीगढ़ का जैन समाज किसी से अछूता नहीं है। या यूं कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि चंडीगढ़ जैन समाज ने विश्व पटल पर एक अपना इतिहास और एक कीर्तिमान लिख दिया है जो सदा सदा अविस्मरणीय कहा जाएगा।

अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंज मंडी की रिपोर्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *