पूज्य मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज की मंगल आरती वह आशीष लेकर गदगद हो गए पवन प्रभा जैन बड़जात्या
आगरा
जो हो रही स्वर्णिम धरा
जिसे कहते हैं ताज की धरा
लेकिन अब हो गई धर्म की धरा
वह पावन नगरी है आगरा
पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 सुधा सागर महाराज का मंगल वर्षायोग आगरा के एमडी जैन हरी पर्वत पर हर्षोल्लास के साथ हो रहा है। यह चतुर्मास केवल एक कॉलोनी व एक धर्म का नहीं होकर अपितु समस्त धर्म जाति के लिए हो गया है पूज्य गुरुदेव की मंगल वाणी मंगल आशीष पाकर हर कोई गदगद दिखाई दे रहा है और इस ज्ञान रूपी गंगा में डुबकी लगा रहा है, और अपना आत्म कल्याण कर रहा है।

सोमवार की अनुपम बेला में संध्या काल में मंगल आरती का पुण्य लाभ धर्म निष्ठ श्रावक श्राविका पवन जैन प्रभा जैन बड़जात्या मोती कटरा परिवार को प्राप्त हुआ वह भक्ति भाव गुरु चरणों में समर्पित होकर मंगल आरती कर रहे थे और भक्ति में झूम रहे थे। नहीं पूज्य गुरुदेव का मंगल आशीष भी प्राप्त हुआ।
हमने जब इनसे जाना की आज कैसा अनुभव हो रहा है तो उनका कहना था कि हमें गुरुदेव की आशीष मिली है और उनकी चरण सन्निधि में रहने का स्वर्णिम अवसर मिला है मंगल आरती का अपने लाभ मिला है साथ ही साथ इन पलों में हम समस्त प्रकार के दुखों से दूर हो रहे थे और मन में किसी प्रकार का कोई विकल्प नहीं रहा और एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार हमारे मन में हुआ है

उनका कहना था कि गुरुदेव के आने से संपूर्ण आगरा नगर में एक नवीन ऊर्जा आई है जो आगरा की धरा को धर्ममय बना रही है। उन्होंने कहा कि पहले तो इसे ताज की नगरी के नाम से जाना जाता था लेकिन आज इसे धर्म नगरी के रूप में जाने जाने लगा है। यह हमारे अनंत जन्मों का पुण्य उदित होकर सामने आया है यह बहुमूल्य समय हम आगरा वासियों को मिला है। इस स्वर्णिम अवसर का हम जितना लाभ ले सकेंगे ले रहे हैं और लेते रहेंगे। वही आगरा के मोती कटरा के भक्तजन गुरुदेव के आहार चर्या में भी अपना सहयोग करेंगे।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
