अशोक पाटनी आरके मार्बल के दिन कैसे बदले मुनिश्री समत्व सागर महाराज ने बताया
परम पूज्य मुनि श्री 108 समत्व सागर महाराज ने श्री अशोक पाटनी आरके मार्बल के विषय में बोलते हुए कहा कि वे एक छोटे से गांव के है अभी तो किशनगढ़ में है लेकिन जब वे आए थे तो बहुत छोटे से गांव में रहते थे।
महाराज श्री ने कहा उनसे जब मिला तो उनके जैसी विनम्रता शायद ही बड़े से बड़े लोगों में देखने को नहीं मिले वह व्यक्ति जैनियों का भामाशाह है लेकिन जब उनके नगर में कोई भी दिगंबर मुनि आता है तो सबसे पहले उनका काम गुरु चरणों में पहुंचने का होता है। उनके व्यक्तित्व के विषय में गुरुदेव ने कहा वह भाव विभोर करने वाला है उन्होंने कहा आप लोग महाराज श्री के साथ पैदल ना चल पाए और गाड़ियों से पहुंचे हो सकता है की गाड़ियों से न पहुंचे लेकिन यह व्यक्तित्व संतो के बिहार में कही किलोमीटर पैदल विहार करता है।
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कहा आप लोग व्यस्त हैं। आप लोगों का बड़ा व्यापार है की उनका बड़ा व्यापार है। आप कहते हो इतना बड़ा व्यापार हमारा हो जाएगा तो हम फ्री हो जाएंगे। ऐसा संभव नहीं है बहुत सारो के बहुत सारे व्यापार है और वे और बिजी हो गए।

उन्होंने कहा मैने उनसे पूछ लिया की आपका व्यापार क्यों बढ़ रहा है हम लोग तो सामान्य थे लेकिन कुछ करने का संकल्प लेकर चले थे कुछ मन में डिटरमिनेशन था छोटे से गांव से आए उन्होंने स्टोन का छोटा सा व्यापार किया उनको तब श्री पाटनी ने कहा कि हमने अपने व्यापार में झूठ का सहारा नहीं लिया जो भी गलत माल था उसको गलत कहके बेचा और जो सही था उसे सही कहकर बेचा हमें कोई भी पब्लिसिटी करने की जरूरत नहीं पड़ी। जो एक बार माल हमसे लेकर जाता था वो 10 लोगो जो बोलता था की जैन साहब के यहां से लेकर आना वहां चीटिंग नहीं होती है। ऐसे करते करते पुण्य बढ़ता गया रेपुटेशन बढ़ती चली गई, आप लोग कहते हो महाराज जी मायाचारी नहीं करेंगे तो व्यापार कैसे चलेगा।

तुम्हारा व्यापार चल रहा है लो लेवल पर क्यों आता है चीट नहीं करोगे तो रेपुटेशन बढ़ेग लोगों की तुम्हारे प्रति श्रद्धा विश्वास होगा तो दूसरे के यहां चढ़ना नहीं चाहेगा तुम्हारे से ही व्यापार करेगा।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312



