आगरा जैन समाज धर्म निष्ठा, संत सेवा में सर्वश्रेष्ठ
आगरा
आगरा को ताज की नगरी के नाम से जाना जाता है लेकिन अब आगरा को कहा जाए तो जैन धर्म का ताज कहे तो कोई अतिशयोक्ति नहीं है क्योंकि धर्म के ताज को लेकर आगरा समाज चल रहा है और आगरा नगर धर्म निष्ठा एवं संत सेवा में अग्रणीय है।
यूं कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि आगरा जैन समाज सर्वश्रेष्ठ है गुरु के प्रति वह धर्म के ज्ञान के प्रति भी आगरा समाज अब अछूता नहीं रहा है। जिसका परिणाम देखने को मिला रविवार की बेला में जब रविवार की 23 जुलाई के दिनएम डी जैन इन्टर कालेज हरीपर्वत परिसर पर पू क्षुल्लक श्री गंभीर सागर जी महाराज के निर्देशन मे विद्याधर से विद्यासागर विषय पर आधारित लिखित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। जिसमें सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। हुई परीक्षा के बाद पूज्य क्षुल्लक श्री का कहना है की आगरा में हुई परीक्षा में अब तक के सारे कीर्तिमान तोड़ दिए हैं।

इस पर पूज्य श्री का कहना है कि ऐसी परीक्षाएं हर जगह की वर्षायोग में आहूत हुई हैं। लेकिन आगरा के भक्तों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया है।
पूज्य मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज ने भी आगरा की जमकर तारीफ की है।
पूज्य मुनि श्री सुधा सागर महाराज जी आगरा की सेवा भक्ति से गदगद हैं एवं उनके अनुमोदना स्वरूप पूज्य श्री अपने पूर्व संबोधन में यह कह चुके हैं कि आगरा नगर की अगवानी अब तक की नंबर वन अगवानी है।

पूज्य श्री यहां की युवा शक्ति के बारे में कह चुके हैं कि झांसी से आगरा तक के विहार मे युवाओं का जो रेला उपस्थिति थी उसकी भी सराहना की है।

प्रात: काल पूजन, प्रवचन, आहारचर्या, जिज्ञासा समाधान, सेवा भक्ति में जो भक्तो की मौजूदगी है वह कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है। हम यही कह सकते हैं कि आगरा वासी वह आगरा के भक्त जन ज्ञान रूपी गंगा में डुबकी लगाकर सराबोर हो रहे हैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
