मुनि श्री भूतबली सागर महाराज सानिध्य में 8 वर्ष से अधिक बालक बालिकाओं का संस्कार क्रिया कर संस्कारित कर अनोखी परंपरा का किया गया निर्वाहन
सुसनेर
रविवार की अनुपम बेला में परम पूज्य मुनि श्री 108 भूतबली सागर महाराज के सानिध्य में 8 वर्ष से अधिक बालक बालिकाओं एवं अविवाहित युवाओं का संस्कार कर अनोखी परंपरा का निर्वाहन किया गया। समस्त क्रियाएं पूज्य मुनि संघ के सानिध्य में संघस्थ मंजुला दीदी के द्वारा बालक बालिकाओं को संस्कार क्रिया के माध्यम से संस्कारित किया गया। जिसमें आगर, नलखेड़ा, मोड़ी, सेमलखेड़ी ,पिड़ावा , अमरकोट, इंदौर, बॉम्बे, मंदसौर,उज्जैन आदि कहीं नगरों से गुरुभक्त अपने बच्चों को लेकर त्रिमूर्ति दिगंबर जैन मंदिर सुसनेर पर आए और अपने बालक बालिकाओं को गुरुदेव के मुखारबिंद से संस्कार शिविर में संस्कारित करवाया।
इस अवसर पर बोलते हुए पूज्य मुनि श्री ने कहा कि जीवन का यही कल्याण करना है तो धर्म की शरण में आना होगा महाराज श्री ने कहा कि इस धरती पर ऐसा कोई लोक नहीं है जहां पर जन्म नहीं लिया हो। जीवन की सार्थकता धर्म से जोड़ने में ही है।

डॉक्टर तो रोग का इलाज कुछ समय के लिए कर देते हैं लेकिन संत परमात्मा की शरण में जाने से रोक शोक आदि दूर हो जाते हैं। इस बेला में पूज्य मुनि श्री की भक्ति भाव के साथ पूजन की गई एवं पाठशाला के बच्चों द्वारा अलौकिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। साथ ही पूज्य मुनि संघ के सानिध्य में मंजुला दीदी द्वारा 8 वर्ष से अधिक बालक बालिकाओं एवम अविवाहित युवक-युवतियों के संस्कार कर उन्हें जुआ, मांस आदि ना करने का त्याग कराकर संकल्प दिलाया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
