मूकमाटी में कला और विज्ञान पुस्तक का विमोचन मुनि श्री वीर सागर महाराज संघ के सानिध्य में हुआ

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मूकमाटी में कला और विज्ञान पुस्तक का विमोचन मुनि श्री वीर सागर महाराज संघ के सानिध्य में हुआ
पुणे
विदुषी अनेक पुस्तकों को लिखने वाली मौलिक चिंतन की विख्यात डॉक्टर नीलम जैन के द्वारा लिखित
मूक माटी में कला और विज्ञान का भव विमोचन संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के शिष्य निर्यापक श्रमण आचार्य श्री वीर सागर महाराज जी पूज्य श्री विशाल सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में पुणे में संपन्न हुआ ।

 

 

 

पुस्तक का विवरण
डॉक्टर नीलम जैन द्वारा लिखी गई इस पुस्तक के द्वारा आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज द्वारा लिखित मूकमाटी महाकाव्य जिस पर देश के अनेक विश्वविद्यालयों में शोध होते रहे हैं। आचार्य जी द्वारा लिखी गई यह पुस्तक सचमुच यह एक अमूल्य धरोहर है। डॉक्टर नीलम जैन ने अपनी लिखी पुस्तक में ऐसे पावन मूक माटी के अंतरंग में जो निहित कला और विज्ञान संबंधित तथ्य हैं उन्हें उजागर करने का कार्य अपनी पुस्तक में किया है। यह दृष्टिकोण बिल्कुल नया है एवं डॉक्टर नीलम जैन का प्रथम मलिक प्रयास कहां जाएगा।

इस पुस्तक को एवं डॉक्टर नीलम जैन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए समाज के समस्त वरिष्ठ जनों एवं साधु-संतों ने अपना विशेष आशीर्वाद डॉक्टर नीलम जैन को प्रदान किया है।

यदि डॉक्टर नीलम जैन के विषय में हम जानकारी दे तो डॉक्टर नीलम जैन की प्राकृतिक भाषा में लिखी हुई कृति राम को अनेक पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। डॉक्टर नीलम जैन ने अपने लेखन साहित्य से अपना एक विशिष्ट स्थान समाज एवं राष्ट्र के बीच बनाया है।
दोनों पुस्तकों को देश के प्रख्यात प्रकाशक वाणी प्रकाशन दिल्ली ने प्रकाशित किया है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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