प्रकृति ने सबको एक साथ नहीं बनाया स्वस्तिभूषण माताजी माताजी की प्रेरणा से मंदिर का होगा कायाकल्प

धर्म

प्रकृति ने सबको एक साथ नहीं बनाया स्वस्तिभूषण माताजी माताजी की प्रेरणा से मंदिर का होगा कायाकल्प
केशोरायपाटन
परम पूजनीय भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी की प्रेरणा एवम मार्गदर्शन में अतिशय कारी भगवान मुनिसुव्रतनाथ जिन मंदिर का अब कायाकल्प होगा । और भव्य रूप लेगा जिसका कार्य गुरु मां के सानिध्य में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शुरू हो गया।

भव्य प्रतिमाओं को अस्थाई वेदी पर विधि विधान के साथ विराजित किया गया है। यह क्रम शनिवार को भी जारी रहा। जब यह मंदिर नवीनीकरण के बाद तैयार होगा तो सभी की निगाहें इस क्षेत्र पर होगी ।

 

 

एक रोचक जानकारी।

 


इस विराजमान के क्रम में आपको बता दें कि कोल्हापुर की टीम ने समाज बंधुओ के साथ इन प्रतिमाओं को विराजमान करने में अपनी सहभागिता प्रदान की है।

 

आपको बता दे यह वही कोल्हापुर की टीम है जिस टीम ने स्वस्ति धाम की अतिशयकारी भगवान को छोटे जिन मंदिर से बड़े जिन मंदिर में स्थापित किया था। निश्चित रूप से ऐसे पावन भगवान का मंदिर जब भव्य रूप जब लेगा तब विश्व की निगाहें इस क्षेत्र पर होगी।

शनिवार की बेला में गुरु मां ने अपनी मंगल वाणी से कृतार्थ करते हुए कहा कि प्रकृति ने सबको एक साथ नहीं बनाया,

 

 

 

उन्होंने कहा मृत्यु नहीं होती तो क्या होता। मन की कीमत सांसारिक सुख में दुख के साथ है। आत्मा पावर हाउस है। पाप पुण्य बन जाता है और पुण्य पाप।

सूर्य उगता है, चढ़ता है, ढल जाता है। फूल कली बनता है, खिलता है, मुरझा जाता है,और गिर जाता है। ठीक मनुष्य इसी तरह जन्म लेता है, जवान होता है, और बूढ़ा होता है, और मर जाता है। यह प्रकृति का नियम है। इस पर हमें चिंतन मनन करना चाहिए। जब ही हम अपने इस क्षणभंगुर जीवन को बेहतर बना पाएंगे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *