मुनिश्री सुधासागर महाराज संघ एवम मुनिश्री अविचल सागर महाराज का महामिलन विनय भाव के क्षण को देख हर कोई भावुक
झांसी
विश्व वंदनीय आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनिश्री 108 सुधासागर महाराज संघ एवं मुनि श्री 108 अविचल सागर महाराज का महामिलन देखने को मिला जब यह क्षण आया तो हर कोई भावुक दिख रहा था।
पूज्य मुनिश्री अविचल सागर महाराज ने जब मंगल आगवानी की तो वह विनय भाव का अभूतपूर्व उदाहरण प्रस्तुत हुआ। जब मुनिश्री ने महाराज श्री के चरणों में मस्तक झुका कर नमोस्तु गया तब इन दृश्यों को देख सभी की आंखें नम सी हो गई।
पूज्य मुनिश्री सुधासागर महाराज संघ के साथ वीरांगना लक्ष्मीबाई की जन्मभूमि पर प्रवेश करते हुए करगुवाँजी तीर्थ आए।। वह स्पेस मूनसिटि से पदविहार करते हुए कानपुर रोड चुंगी पहुँचे। वहा पर ससंघ की मुनिश्री अविचल सागर महाराज ने समाजजनों के साथ मंगल आगवानी की
इस दौरान सन्त मिलनके वात्सल्यमयी दृश्य को देख भावविहल जनसमूह जयघोष करता रहा। बाद में हाथी, घोड़े,बग्गियों, बैण्ड बाजा, शहनाई सेसुशोभित शोभायात्रा जैनतीर्थ श्रीदिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्रसाँवलिया पार्श्वनाथ करगुवाँ जी पहुंची। इस अवसर पर मुनि श्री अविचल सागर महाराज ने पूज्य मुनि श्री सुधा सागर महाराज के चरणों का प्रक्षालन कर मंगल आशीष लिया। यह क्षण हर किसी को गदगद कर रहे थे।
इस अवसर पर मुनिश्री सुधासागर महाराज ने अपना उद्बोधन देते हुए कहा की लोग दुनिया से अलग अपना
अस्तित्व बनाने की सोच रखे हुए हैं,इस पर विशेष रूप से बताते हुए कहा की ऐसा इसीलिए सोचा जाता है क्योंकि आजकल व्यक्ति चाहता है की सारी दुनिया मेरी मुट्ठी में हो,और सारी दुनिया की हवाएं भी मेरे लिए ही चले।

उन्होंने जोर देते हुए कहा की अगर हम भगवान और गुरुजनों को अपना रक्षक बना लेते हैं, तो हमारी रक्षा निश्चित रूप से होती है।इससे पूर्व स्पेस मून सिटि में मुनिश्री सुधासागर महाराज संघ के सानिध्य में ब्रह्मचारी अनुराग भैयाज के निर्देशन में पूर्व मन्त्री प्रदीप जैन आदित्य,पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह,डॉ. अभिषेक जैन, जिनेन्द्र जैनमोठ वाले) ने प्रस्तावित नवीनजैन मन्दिर का भूमिपूजन किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
