प्रतिकूल परिस्थितियों में अपने कार्य को दृढतापूर्वक आगे बढ़ाना इंसान की बड़ी परीक्षा मानी गई है” समतासागर महाराज
बम्होरी
प्रतिकूल परिस्थितियों में अपने कार्य को दृढतापूर्वक आगे बढ़ाना इंसान की बहूत बड़ी परीक्षा मानी गई है।
पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री समतासागर महाराज ने बताया की प्राकृतिक प्रकोप से नष्ट हुये पांडाल एवं मंच को बम्होरी वासितो ने अपने धैर्य और दृढ़ता, एवम अपने पुरूषार्थ से देव शास्त्र और गुरु की भक्ती का परिचय दिया है”
निर्यापक मुनि समतासागर महाराज ने “पंचकल्याणक महामहोत्सव के पूर्व कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद देते हुये व्यक्त किये,उन्होंने कहा कि साफ सुथरे रास्ते पर तो कोई भी चल सकता है, लेकिन पथरीले और कांटे कंकर बाले रास्ते पर चलने वाले की ही परीक्षा होती है।परिस्थितयां कैसी भी निर्मित क्यों न हो जाए दृढ़तापूर्वक जो रास्ते पर आगे बढ़ता है,उसे बहुत बड़े पुरुषार्थी के रुप में देखा जाता है। जब कभी कोई जन कल्याण या लोक कल्याण का कार्य किया है,तो उनके धैर्य और दृढ़ता की परीक्षा होती है,उन्होंने बम्होरी वासियों की जमकर तारीफ की और कहा आप लोग इस
परीक्षा में हुए है।
प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के आशीर्वाद से श्री चंद्रप्रभु दि. जैन मंदिर बम्होरी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव श्रुत पंचमी दिनांक 24 मई बुधवार से प्रारंभ होंने जा रहा है। प्रातःकाल 6:30 बजे घटयात्रा निकाली जागी एवं कार्यक्रम स्थल तक जागी जंहा पर ध्वजारोहण होगा। आचार्य निमंत्रण के पश्चात मुनिसंघ की देशना एवं याज्ञ मंडल विधान होगा।
पंचकल्याणक महामहोत्सव समिति एवं श्री सकल दि. जैन समाज बम्होरी ने सभी आस पास के बंधुओं से कार्यक्रम में पधारने की अपील की है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
