माता पिता ही बच्चों के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज
डोंगरगढ़
विश्व वंदनीय आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने चंद्रगिरी तीर्थ डोंगरगढ़ पर अपने उद्बोधन में शिक्षा के विषय में प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा हमें ऐसी लेनी चाहिए जो स्वयं के साथ दूसरों को भी काम दे सके,
आचार्य श्री ने विशेष रूप से बोलते हुए कहा कि माता-पिता ही बच्चों के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक होते हैं, उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को नाम के लिए काम नहीं करना चाहिए, बल्कि काम करने वालों का नाम अपने आप हो जाता है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो जीवन में कारगर और उपयोगी हो। तराजू तोलने वाले का बच्चा भी अपने काम में पारंगत हो जाता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि बी टेक, एमटेक करने वाले बच्चे रोजगार पाने के लिए घुटने टेक रहे हैं।

गुरुवार को सागर दिगंबर जैन समाज के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का आशीर्वाद लिया और उन्हें भाग्योदय तीर्थ पर बन रहे सर्वतोभद्र जिनालय के कार्य के बारे में व उसकी प्रगति के विषय में जानकारी प्रदान की, आचार्य श्री ने मंदिर के कार्यों को तेज गति देने का उपदेश दिया।

सागर समाज की ओर से प्रतिनिधिमंडल में सागर दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन ढाना, महेश जैन बिलहरा, सुरेंद्र जैन मालथोन, आनंद जैन स्टील, वीरेंद्र जैन, अनिल नैनधरा सहित समाज जन उपस्थित थे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
