भगवान महावीर का गोल्डन समवशरण रथ गोवा पहुंचा
गोवा
आचार्य श्री सुनील सागर महाराज की प्रेरणा से भगवान महावीर अहिंसा रथ स्वणिंम आभा युक्त राजस्थान के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित किया गया। एवम तमिलनाडु ,केरल के राज्यपाल द्वारा आगे बढ़ाया।
इस अलौकिक रथ का दिल्ली मेें नवम्बर 2023 को माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंन्द्र मोदी की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रम ताल कटोरा स्टेडियम में होगा।
वही भ्रमण करते हुए गोवा में अहिंसा रथ के आगमन पर भव्य कार्यक्रम में श्री पी.एस. श्री धरन पिल्लई, महामहिम राज्यपाल, गोवा ने भगवान महावीर का दर्शन वंदन किया औरडा० श्री प्रमोद सावंत, मुख्यमंत्री, गोवा ने शाम को भगवान महावीर का दर्शन वंदन और भव्य आरती की
इसी क्रम में !तपोभूमि पद्मनाभ पीठ आश्रम पोंडा में ( गोवा ) बेंड बाजे के साथ अहिंसा रथ का स्वागत किया गया।हजारों की संख्या में जैन व जैनेतर समाज के लोगों ने णमोकार महामंत्र उच्चारित करतेहुए कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया,
इस अवसर पर डाक्टर श्री मणीन्द्र जैन द्वारा उद्बोधन में भगवान महावीर के रथ के उद्देश्य को बताया, जिओ और जीने दो और अहिंसा का उद्घघोष सभी लोगो ने किया तथा पद्मश्री से विभूषित स्वामी ब्रह्मेशानंद पीठाधीश्वर ने और दिल्ली से पधारे आचार्य गोस्वामी श्री सुशील सागर ने भी भगवान महावीर के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए ,डा. श्री मणीन्द्र जैन साहब के विशेष प्रयासों की प्रशंसा की और जय जिनेंद्र सभी जैनेतर समाज से भी उद्घोष कराया। तथा सभी लोगों ने अहिंसा रथ पर विराजमान भगवान महावीर के दर्शनों का लाभ लिया ,

इस प्रकार की प्रभावना पहली बार हुई है जो कि आचार्य श्री सुनील सागर महाराज का और डा.श्री मणीन्द्र जैन का भी लक्ष्य है कि मछली को तेरना सिखाने से कोई फायदा नहीं बल्कि महावीर भगवान के संदेशों को
जैनेतर समाज में पहुंचाना है। उस दिशा में यह बहुत बड़ा कदम साबित हुआ।
मीडिया प्रभारी त्रिलोक जैन ने बताया कि इस भव्य रथ के आगमन पर 108 महिलाएं मंगल कलश लिए रथ के आगे जय घोष करते चल रहीं थी,और श्री मणीन्द्र जैन के साथ साथ पद्म श्री से विभूषित स्वामी श्री ब्रह्मेशानंद और दिल्ली से पधारे आचार्य श्री सुशील सागर महाराज चल रहे थे, यह दृश्य भगवान महावीर के समवशरण जैसा लग रहा था।


गोवा कि जैन समाज के सुरेश जि, भरत जि ,सुभाष जैन और अन्य जैन समाज के लोगों ने गोवा जैन मंदिर पर रथ कि भव्य अगवानी कि रथ व्यवस्था का संचालन-प्रकाश जैन ने किया
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
