तपस्वी संत विनीत सागर महाराज ने केशलोच कर मंगल विहार किया
इंचा
दिगंबर संत की साधना सचमुच अलौकिक होती है। ऐसा ही देखने को मिला जब इंचा में साधक तपस्वी पूज्य मुनि श्री 108 विनीत सागर जी महाराज का मंगल केशलोच हुआ।
पूज्य मुनि श्री उत्कृष्ट तपस्वी साधक हैं इसका उदाहरण देखने को मिला कि पूज्य गुरुदेव ने अपने हाथों से केशो का लोचन किया ऐसी भीषण गर्मी में उपवास के बाद भी पूज्य मुनि श्री ने
13 km का इंचा से चौंढी (खु )की ओर विहार किया।
ऐसे साधना तपस्वी साधक विरले ही होते हैं।


हे निर्मल देव तुम्हें प्रणाम
हे ज्ञानदीप आगम प्रणाम
हे शांति त्याग के मूर्तिमान शिव पथ पंथी गुरुवर तुम्हें प्रणाम
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
