दुनिया में दुर्योधन की कमी नहीं है, कोई कर्म से, कोई जुआ से दुर्योधन हो सकता है सुधासागर महाराज
अशोकनगर
जिन विचारों में एकता नहीं है, उसे गौण कर दें। मतभेद होना स्वाभाविक है। मतभेदों को मनभेद मत होने दें। जबक्रांतो ने दुर्योधन को बंदी बना लिया तो धर्मराज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों को क्रांतो के पास जाने को कहा। ये प्रसंग। पांडवों ने एकता के सूत्र के रूप में लिया।
दुनिया में दुर्योधन की कमी नहीं है कोई कर्म से कोई जुआ से कोई परिवार की अपेक्षा दुर्योधन हो सकता है। उक्त धर्म उपदेश राष्ट्रीय जिनशासन एकता सम्मेलन को संबोधितकरते हुए मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज ने सुभाष गंज मैदान में व्यक्त किए।


उन्होंने कहा कि धर्म राज ने यही पूछा किसको बंदी बनाया है वह हस्तिनापुर का युवराज है घृणा पाप का कारण है। कुछ ऐसा समीकरण बैठा लो कि कैसे भी दशा में जैन पड़ा है तो एक बार तो मैं उसे उठाऊंगा नकारात्मक। हम सोचेंगे तो कुछ नहीं पा सकते।


संसार में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है, जिसने कोई पाप न किया हो दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो किसी न किसी की दृष्टि में कोई न कोई अपेक्षा कमी है। हर सांप चाहता है कि उसके दांतों में जहर हो तो आपको तो वह बुरा लग रहा है, लेकिन वही जहर उस सांप की सुरक्षा का।
इसके पहले राष्ट्रीय जिन शासन एकता सम्मेलन में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र का अनावरण किया, इसके बाद दीप प्रज्वलन हुकुम काका कोटा, नीतिआयोग सदस्य अर्चना जैन आदि ने किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
