महाव्रती आचार्य श्री चैत्य सागर महाराज सानिध्य में तपस्वी प्रभा बड़जात्या का हुआ पारणा
आगरा
सचमुच महापुण्य के अवसर बिरले को ही मिल पाते हैं। ऐसा ही पुण्य अवसर विगत 8 दिनों में बड़जात्या परिवार आगरा को प्राप्त हुआ जहां श्रीमान पवन प्रभा बड़जात्या ने पूज्य आचार्य श्री 108 चैत्य सागर महाराज के सानिध्य में सोधर्म इंद्र इंद्राणी बनकर सिद्धचक्र महामंडल विधान किया।
जो भक्ति की गंगा में सराबोर होते हुए संपन्न हुआ इससे भी एक बहुत बड़ी बात है कि प्रभा बड़जात्या द्वारा 8 दिन तक महामंडल विधान में निर्विकल्प होकर महामंडल विधान तो किया ही साथ ही साथ 9 दिन की तप साधना पूर्ण की। जो निश्चित रूप से एक महापुण्य से ही प्राप्त हुआ करता है। इनके मुख पर किसी प्रकार का कोई विकल्प नहीं और 9 दिन तक उष्ण तप साधना की।

इससे भी बड़ा पुण्य तब आया जब इनके आठ उपवास की साधना पूर्ण हुई तो इनका महा पारणा महावृत्ति आचार्य श्री 108 चैत्यसागर महाराज के सानिध्य में ही संपन्न हुई। यह भी एक महा पुण्य से कम नहीं हो सकता। जब महातपस्वी आचार्य श्री तपस्वी के महापारणा में मौजूद हो।


सिद्धों की आराधना कर महातप करना अपने आप में एक अनुपम उदाहरण है। निश्चित रूप से प्रभा ने अपनी प्रभा को और पल्लवित किया है। और अपनी कर्म निर्जरा की। जो निश्चित रूप से सर्वार्थसिद्धि की ओर ले जाने वाला कदम है।
तप कर मानव कंचन बनता है
बिरला वो होता है जो मानव देह को धन्य करता है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
