उपाध्याय विहसंत सागर महाराज की प्रेरणा से श्रीजी गुरुकुल की स्थापना मंगलगिरी पर होगी

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उपाध्याय विहसंत सागर महाराज की प्रेरणा से श्रीजी गुरुकुल की स्थापना मंगलगिरी पर होगी
सागर
पूज्य मेडिटेशन गुरु उपाध्याय विहसंत सागर महाराज की कुशल प्रेरणा से मंगलगिरी तीर्थ पर श्रीजी गुरुकुल की स्थापना की जाएगी।

 गुरुकुल के अंदर सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित होगा एक विद्यालय में अंग्रेजी भ भाषा के माध्यम से अध्ययन होगा इसके साथ नर्सरी से कक्षा बारहवीं तक सभी वर्ग के बच्चों को शिक्षण प्रदान किया जाएगा। पूज्य गुरुदेव की प्रेरणा से आगामी भविष्य में मेडिकल कॉलेज इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जाने की योजना प्रस्तावित है।

 

 

 

 

इसको लेकर पूज्य मुनि श्री के सानिध्य मे गुरुवार को गोराबाई दिगंबर जैन मंदिर में एक बैठक हुई उसके बाद पत्रकार वार्ता में पूज्य श्री जानकारी प्रदान की। पूज्यश्री ने शिक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहां की शिक्षा के बिना व्यक्ति को समाज में कोई नहीं जानता है, पहचानता नहीं है, स्कूल को मानवता का मंदिर बताया। मंगल गिरी तीर्थ पर आगामी वर्ष में श्रीजी गुरुकुल प्रारंभ हो जाएगा जिसमें धार्मिक शिक्षा के साथ लौकिक शिक्षा भी प्रदान की जाएगी।

पूज्य गुरुदेव की अनंत प्रेरणा से समाज में जागृति आई है जिसके तहत जगह-जगह स्कूल और अस्पताल बन रहे हैं। उनकी प्रेरणा से वर्तमान में देश के अनेक स्थानों पर 6 स्कूल और 4 अस्पताल संचालित हैं। यह गुरुकुल सीबीएसई से संचालित होगा।

आपको बता दें गुरुकुल की स्थापना के लिए नगर के कई व्यक्ति दान देने के लिए आगे आए हैं। वही बाड़मेर 92 वर्ष की ताराबाई जैन ने शिक्षा के क्षेत्र में इस गुरुकुल हेतु अपना अनुदान प्रदान किया है।इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री के कर कमलों से गुरुकुल फोल्डर का विमोचन किया गया। इस आयोजन में प्रख्यात पंडित श्री जय कुमार निशांत टीकमगढ़ शामिल हुए।

 

विधायक शैलेंद्र जैन ने श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया गुरुकुल को अनुकरणीय पहल बताया

पूज्य मुनिश्री से विधायक शैलेंद्र जैन ने आशीर्वाद लिया उन्होंने गुरुकुल की स्थापना को बहुत ही अनुकरणीय पहल बताया। और सहयोग देने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि गुरुकुल के माध्यम से विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा मिलेगी।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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