पूना के डॉक्टर कल्याणमल गंगवाल ने निर्यापक मुनि वीर सागर महाराज संघ सानिध्य में शाकाहार अहिंसा प्रदर्शनी को तीर्थ क्षेत्र कमेटी जिंतूर के विश्वस्त कलमकर को दान स्वरूप प्रदान की
जिंतूर
शाकाहार अहिंसा प्रदर्शनी को जिंतूर में विराजित निर्यापक गुरुवर मुनिश्री 108 वीरसागर महाराज, एवम मुनिश्री 108 सौम्य सागर जी महाराज और समस्त मुनि संघ के पावन – मंगल सानिध्य में पुनाके डॉ कल्याण गंगवाल परिवार के ओर सें नेमगिरी – जिंतुर तीर्थ क्षेत्र को दान रूप में भेट की।

इस पर तीर्थ के विश्वस्त श्री कलमकर ने प्रदर्शनी स्वीकार करते हुए शाकाहार, जीवदया अहिंसा के क्षेत्र में अग्रसर रहने का आश्वासन दिया। आपको बता दे दो लाख रुपये की लागत से तैयार यह प्रदर्शनी वैज्ञानिक तरीके से निर्मित हुई है। जो युवा पीढ़ी को शाकाहार – अहिंसा का संदेश देती हैं !
इस अवसर पर गंगवाल ने जानकारी सांझा करते हुए कहा की आज का दिन परम पावन था ! उपसर्ग विजेता लघु विद्या सागर स्वरूप मुनिश्रेष्ठ 108 सौम्यसागर जी महाराज की सेहद तेजी से सुधर रही हैं ! एवम आज गुरुवर कों नवधा भक्ति के साथ आहार देनेका सौभाग्य मिला !

मुनिश्री वीरसागर जी महाराज / मुनिश्री उत्कृष्टसागर जी महाराज को आहार कराकर कृतार्थ हुआ ! उन्होंने कामना की गुरुवर ज़ल्दी ठीक हो जाये यही मंगल भावना ! एक माला ज़रूर फ़ेरे गुरुदेव के स्वास्थ्य के लिये !!

श्री गंगवाल के कृतित्व पर हम नजर डालें तो उन्होंने अपना सर्वस्व जीवन सेवा भाव को समर्पित करते हुए अहिंसा शाकाहार और जीव दया को समर्पित किया हुआ है उन्होंने अनेक शाकाहार प्रदर्शनी देश ही नहीं विदेशों में भी लगाई है।
इनका पूरा परिवार सेवा को समर्पित है। इन्हें अनेक पुरस्कारों
से भी सम्मानित किया जा चुका है। इन्होंने कोविड काल के समय अपनी पूरी सेवाएं निशुल्क प्रदान की थी। आज भी इनकी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं। श्री गंगवाल जैन समाज के लिए ही नहीं अपितु मानव समाज के लिए एक प्रेरणा देते हैं। यह अपने आप में एक प्रेरणास्पद उदाहरण है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
