वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज संघ का शुक्रवार को नसीराबाद में होगा मंगल आगमन

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वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज संघ का शुक्रवार को नसीराबाद में होगा मंगल आगमन

नसीराबाद

पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज संघ का नसीराबाद की पावन धरा पर शुक्रवार की बेला में मंगल आगमन होगा।मिली जानकारी अनुसार पूज्य आचार्य श्री संघ शुक्रवार की प्रातः बेला में निकटवर्ती ग्राम दिलवाड़ा उच्चमाध्यमिक विद्यालय से विहार कर नसीराबाद नगर में मंगल आगमन होगा।समाज बंधु बस स्टैंड के सभी पहुंचेंगेसमस्त आचार्य संघ की मंगल आगवानी करेंगे। पूज्य श्री के वर्षों बाद आगमन को लेकर नगर वासियों में हर्ष की लहर है वह मंगल आगमन को लेकर वहीं से भव्य बनाने के लिए समाजजन तैयारियों में जुटा है। इसी के साथ नगरवासी पलक पावडे बिछाकर गुरुदेव की अगवानी को आतुर दिखाई दे रहे हैं।

 

 

 

 

 

पूज्य श्री के स्वागत में नगर को तोरण द्वार से सजाया गया है। समस्त आचार्य संघ को बैंड बाजों के साथ जय जयकारों के बीच भव्य जुलूस के साथ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए
आचार्य ज्ञानसागर समाधि मंदिर लाया जाएगा। जहां आचार्य श्री का मंगल उद्बोधन प्राप्त होगा। पूज्य आचार्य श्री संघ में कुल 31 पिछी है, जिनमें 9 मुनिराज, 19आर्यिका माताजी, दो क्षुल्लक जी, एवं एक क्षुल्लिका माताजी है।

 

आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज की नसीराबाद की पूर्व की स्मृति

 

पूज्य आचार्य श्री का नसीराबाद आगमन होने जा रहा है लेकिन पूज्य गुरुदेव का नसीराबाद से बहुत पुराना नाता है जब उनका आगमन बरसों बाद नसीराबाद की धरा पर हो रहा है ऐसे में उन पलों को हमें स्मृति में लाना चाहिए जो एक इतिहास को जन्म देती है। यह समय था सन 1972 का जब आचार्य श्री 108 अजीत सागर जी महाराज के साथ पूज्य मुनि श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज मंगल विहार कर रहे थे। तब महाकवि आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज के साथ मुनि श्री 108 विद्यासागर जी महाराज भी विहार कर रहे थे। एक संयोग कहां जाएगा जब दोनों संघों का महामिलन हुआ था। वही मुनि श्री 108 विद्यासागर जी महाराज, आज आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के रूप में हैं। एवं वही मुनि श्री 108 वर्धमान सागर जी महाराज आ ज आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के रूप में है। दोनों धर्म की ध्वजा को पुलकित कर महती धर्म प्रभावना कर रहे हैं और जन जन का कल्याण कर रहे हैं। वर्धमान सागर जी महाराज पंचम पट्टाधीश है।

 

जिस भी मार्ग से गुरुदेव गुजरेंगे वहां जगह जगह पर गुरुदेव का पद प्रक्षालन एवं मंगल आरती की जाएगी। जिसको लेकर समस्त तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। पूज्य गुरुदेव किशनगढ़ के पंचकल्याणक उपरांत और वहां से महकती धर्म प्रभावना कर उदयपुर पंचकल्याणक हेतु प्रस्थान कर रहे हैं।

राजेश पंचोलिया वात्सल्य भक्त परिवार
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी

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