कमजोर व्यक्ति से कभी सलाह नहीं लेना चाहिए मुनि श्री निरंजनसागर जी
कुंडलपुर ।
सुप्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में विराजमान पूज्य मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने बताया- आज वर्तमान की सबसे बड़ी कमजोरी है कमजोर व्यक्ति से ली गई सलाह। मार्गदर्शन किस से लेना है ? जब तक यह ज्ञात नहीं तब तक आपका भविष्य संशय में है ।आज की सबसे मुफ्त में मिलने वाली वस्तु है “सलाह”। एक आवश्यक सलाह आप का मार्ग प्रशस्त कर सकती है ।आप को मंजिल तक पहुंचा सकती है। परंतु उस सलाह का प्रदाता कौन है ?उसकी क्या योग्यता है ?वह उस मार्ग पर चला है या नहीं ?और उसको उस मार्ग संबंधित कितना अनुभव है। इन सभी बातों पर उस सलाह का महत्व बढ़ जाता है ।सी .ए . डॉक्टर आदि भी डिग्री लेने के बाद उसका अभ्यास किसी अनुभवी व्यक्ति के सानिध्य में रहकर करते हैं ।फिर आगे जाकर उनके मार्गदर्शन में रहकर अभ्यास के माध्यम से योग्यता हासिल करते हैं ।तब कहीं जाकर उनके पास विशेषता आती है। आचार्य कहते हैं भो यत्रअनभिज्ञ:स:तत्र बाल: । अर्थात जो व्यक्ति जिस क्षेत्र में अनभिज्ञ है वह उस क्षेत्र में बालक है ।उसका क्षेत्र में कितना अनुभव है ।वह अनुभव किस स्तर का है। यह सभी बातें उसके ज्ञान को परिपक्व बनाती हैं।
आज लोगों को गुरु से ज्यादा गूगल पर विश्वास है
पूज्य महाराज श्री ने कहा आज लोगों को गुरु से ज्यादा विश्वास गूगल पर हो रहा ह ।कोई भी समस्या है गूगल पर उसके समाधान खोजते रहते हैं ।और उन समाधानों के हिसाब से चलकर उस समस्या को और जटिल बनाते रहते हैं। आचार्य कहते हैं वक्ता की प्रमाणिकता पर ही वचनों की प्रमाणिकता आधारित है ।क्या आपका सलाहकार वाकई में आपको सलाह देने की योग्यता रखता है ।एक योग्य सलाह योग्य व्यक्ति ही दे सकता है ।जिसके पास उस क्षेत्र का अनुभव में ढला हुआ ज्ञान ही नहीं है ।ऐसी सलाह किसी काम की नहीं ।यह बात अच्छी तरह प्रसिद्ध है कि जिसके पास जो होता है उसी को वह देता है। अर्थात योग्य व्यक्ति के पास से आप योग्यता ही हासिल कर सकते हैं ।अयोग्य व्यक्ति कभी 3 काल में आपको योग्य नहीं बना सकता ।यह बात अपने दिमाग में लिख लो -कमजोर व्यक्ति से कभी सलाह नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने चंद्रगुप्त का इतिहास बताते हुए कहा की इतिहास साक्षी है चंद्रगुप्त ने बगैर चाणक्य की सलाह के कोई भी फैसला नहीं लिया एल।उसने कभी भी चाणक्य की बात को नजरअंदाज नहीं किया । जिसका नतीजा था कि चंद्रगुप्त ने एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की। और आज उसका नाम इतिहास में अंकित है ।
राजेश रागी एवं जय कुमार जैन जलज से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
