मुनि श्री पुण्यसागर महाराज ने अंतरमना प्रसन्नसागर महाराज की तप साधना पूर्ण होने पर लिखी एक अभिनंदन पाती

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मुनि श्री पुण्यसागर महाराज ने अंतरमना प्रसन्नसागर महाराज की तप साधना पूर्ण होने पर लिखी एक अभिनंदन पाती
पारसनाथ
पूज्य आचार्य प्रसन्न सागर महाराज की तप साधना पूर्ण होने पर पूज्य मुनि श्री पुण्य सागर महाराज द्वारा उन्हें एक अभिनंदन पाती प्रेषित की इस अभिनंदन पाती में पूज्य मुनि श्री द्वारा लिखा की अनंतानंत परम सिद्धेम्यो नमः
सम्मेद शिखर सिद्धक्षेत्रेभ्यो नमः
“अभिनंदन पाती
साधना महोदधि अन्तर्मना परम पूज्य आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजीमहाराज को श्रद्धा, विनय एवं वात्सल्य पूर्वक स्नेहाभि वंदन |तपस्वियों के मूल नायक प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती श्री शान्ति सागर जीमहाराज के पश्चात् परम्परागत 21 वीं सदी के प्रथम तपोकुंज, तपस्वियों केमसीहा, तपोनुष्ठान के शिखर, व्रतों के हिमालय, प्रथम निर्दोष तपस्वी साधकअपार तेज पूंज के स्वामी परमपूज्य अन्तर्मना की व्यक्तित्व कृतित्व अनुपम है।

 

 

 

 

उन्होंने लिखा की जिनके जीवन में आचार्य शान्ति सागरजी महाराज जैसी दृढ़ संकल्प शक्ति,चतुर्थ पट्टाधीश गुरुदेव आचार्य श्री अजित सागरजी महाराज जैसी चिन्तन शक्ति पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागरजी महाराज जैसी ज्ञान
शक्ति, आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज जैसी आकर्षण शक्ति एवं आचार्य श्री पुष्पदंत सागरजी महाराज जैसी ओजस्वी वाणी से युक्त 18 माह की साधना काल में जिनागम के 108 ग्रन्थों के अध्येता अन्तर्मना संप्रति युग में चतुर्थ कालीन साधना को पंचम काल में करने वाले सर्वोत्कृष्ट सिंहनिष्क्रीडित तप की 557 दिन (496 निर्जल उपवास + 61 पारणा) की मौन साधना पूर्वक सम्मेदशिखर सिद्धक्षेत्र स्वर्णभद्र टोंक पर जिन्होंने पूर्ण की, उस साधना की सन्निकटता का सौभाग्य मुझे मिला ।अन्तर्मना के इस महा पारणा महोत्सव की पावन बेला में आपको” लोकोत्तर महा तपस्वी” की मानद उपाधि से अलंकृत कर अत्यंत गौरवानवित होते हुए मंगल भावना करते है की आप स्वस्थ रहे, दीर्घायु हो।

आपकी तपश्चर्या का पुण्य यशोगान विश्व में युगों-युगों तक गुंजायमान हो ।मैं, मेरे संधस्थ मुनि आर्यिका, बाल ब्र वीणा दीदी आदि को सेवा वैयावृत्यका पुनः अवसर मिले ऐसी मंगल भावना के साथ वर्धतां जिन शासनम् ।

 

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महा पारणा महोत्सव
28 जनवरी 2023
सम्मेद शिखर सिद्धक्षेत्र
मुनि पुण्य सागर
संघस्थ :- पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज

अजीत जैन गुवाहाटी से प्राप्त जानकारी के साथ
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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