स्वस्तिभूषण माताजी सानिध्य में हो रहा कल्पदुम महामंडल विधान जैन धर्म दिव्यता से परिपूर्ण, उसकीनींव हमेशा सत्य पर टिकी रही हैं प्रभुलाल सैनी 

धर्म

 स्वस्तिभूषण माताजी सानिध्य में हो रहा कल्पदुम महामंडल विधान जैन धर्म दिव्यता से परिपूर्ण, उसकीनींव हमेशा सत्य पर टिकी रही हैं प्रभुलाल सैनी 

हिंडोली 

कस्बे में गणिनी आर्यिकारत्न श्रीस्वस्तिभूषण माताजी केसानिध्य में 1008 कल्पदुम महामंडल विधान व विश्व महायज्ञ जारी है। माताजी के दिव्य सानिध्य में हो रहे इसआयोजन को जैन समाज ही नहीं, पूरा कस्बा कल्याणकारी मान रहा है।

 

 

विधान के दूसरे दिन सुबह माताजी के मंगल सानिध्य में जिन अभिषेक और शांतिधारा हुई। श्रद्धालुओं द्वारा गुरु मांका पाद प्रक्षालन, दीप प्रज्वलन और शास्त्र भेंट किए गए मंगल प्रवचन में माताजी ने कहा कि जीवनको सुधारने का मार्ग, प्रभु-भक्ति और गुरु के चरणों में समर्पण से ही प्रशस्त होता है। प्रवचन पश्चात माताजी कीआहारचर्या हुई।

 

 

आयोजक दीपक धनोपिया ने बताया कि विधान में मुख्यअतिथि पूर्वमंत्री प्रभुलाल सैनी रहे। सौधर्म इंद्र व अन्य इंद्र-इंद्राणी ने विधिवत विधान की पूजा में सम्मिलित रहे। शाम को श्रावक-श्राविकाओं द्वाराभक्तिमय महाआरती की गई। इससे पहले धर्मसभा कोतालेड़ा प्रधान राजेशरायपुरिया ने भी संबोधित किया।

 

 

समारोह के दौरान समाज के नितेश कठोर पंकज बरमुंडा, रिंकू जैन,विकास जैन, मनीष जैन,अभय जैन, अशोक जैन नेपूर्वमंत्री डॉ. सैनी व अतिथियों का स्वागत किया।

 

जहां पर संत का निवास, वह स्थान जिनालय प्रभुलाल सैनी 

संबोधन में पूर्वमंत्री डॉ. सैनी ने कहा कि गणिनी आर्यिका रत्न स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में हो रहा कल्पदुम महामंडल विधान और विश्व महायज्ञ पूरे कस्बे के लिएशुभ संकेत हैं। यह आयोजन समूचे कस्बे का कल्याण करता है। जैन धर्म को महावीर स्वामी ने आत्मदर्शन का मार्ग बताया था, प्रदर्शन का नहीं। जहां संतों का निवास होता है, वह स्थान अपने आप में जिनालय बन जाता है

जैन धर्म दिव्यता से परिपूर्ण है और उसकी नींव हमेशा सत्य पर टिकी रहती है। मनुष्य जीवन में क्रोध, मान, मायाऔर लोभ स्वाभाविक रूप से उत्पन्न हो जाते हैं, लेकिन यदि ऐसे समय में व्यक्ति धार्मिक रूप से विचार कर ले तो वह उन परिस्थितियों से बाहर आ सकता है।

 

             संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *