86 वर्षीय आर्यिकाश्री अमृत मति माताजी की पांच उपवास के बाद समाधि मरण
ईडर
वात्सल्य वारिधि पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज से सन 2015 किशनगढ़ में दीक्षित आ,105 श्री अमूर्त मति माताजी के कमजोर स्वास्थ्य के कारण संबोधन देकर चारो प्रकार के आहार जल का 5 दिन पूर्व त्याग किया था।

आज पांचवें दिन यम सल्लेखना के अंतर्गत गुजरात ईडर में 25 जनवरी 2023 दोपहर को समाधि मरण हो गया है।
एक परिचय
श्रीमती इच्छा बहन कांतिलाल जी भावनगर की पुत्री श्री प्रमिला जैन का विवाह श्री पूनम चंद जी जैन से हुआ था आपकी दो पुत्रियों ने दीक्षा ली छोटी पुत्री बाल ब्रह्मचारिणी भावना दीदी ने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से भावना बहन ने भींडर में दीक्षा ली तथा आर्यिका श्री वर्धित मति जी बनी। वही बड़ी पुत्री बाल ब्रह्मचारिणी पंकज दीदी ने मुनि श्री दया सागर जी से आर्यिका दीक्षा ली थी और आपका नाम आर्यिका श्री प्रशांत मति किया गया।आपके पिताजी ने भी मुनि दीक्षा ली थी उनका नाम श्री धर्म कीर्ति सागर था। वर्ष 2015 में आपने आज वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से किशनगढ़ में आर्यिका दीक्षा ली और आपका नाम आर्यिका श्रीअमूर्त मति माताजी रखा गया। आपने दो प्रतिमा के नियम श्रवणबेलगोला में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से ग्रहण किए और वर्ष 2010 में कुंथल गिरी में आ श्री प्रशांत मति माताजी से क्षुल्लिका दीक्षा ग्रहण की ।एक प्रसंग याद आता है कि जब प्रमिला जी का विवाह हुआ तब आपके पिताजी ने आपको दहेज में कमंडल और शास्त्र दिए थे उसका संस्कार यह हुआ कि आपका पूरा परिवार सन्यास मार्ग पर चल पड़ा और सभी ने दीक्षा ली और एक संयोग है कि आप की समाधि के पहले आपकी दोनों पुत्री जो कि आर्यिका श्री वर्धित मतिजी और आ श्री प्रशांत मति जी थी। उन दोनों की भी समाधि हो चुकी है।उल्लेखनीय है कि आपने गृहस्थ अवस्था की अपनी बेटी से क्षुल्लिका दीक्षा ली थी। आपकी समाधि पर कोटिश वंदामी

भाव सुमन
राजेश पंचोलिया इंदौर
वात्सल्य वारिघि भक्त परिवार
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
