सन्मति सेवादल महाराष्ट्रएवं शिखरजी स्वच्छता समिति ने की सम्मेद शिखर तीर्थ पर्वत की साफ सफाई
पारसनाथ
सन्मति सेवादल महाराष्ट्र एवं शिखरजी स्वच्छता समिति ने पारसनाथ पर्वत की की साफ-सफाई जानकारी देते हुए शिखरजी स्वच्छता समिति के सचिव भरत कुमार साहू ने बताया कि हम विगत 3 वर्षों से पर्वत की साफ सफाई करते हैं उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य की हमारा सम्मेद शिखर पर शिखर तीर्थ क्षेत्र स्वच्छ रहे उन्होंने लोगों से गंदगी ना फैलाने की अपील की उन्होंने बताया कि सन्मति सेवादल विगत कई वर्षों से शिखर जी की स्वच्छता के लिए कायम कर रहा है और प्रतिवर्ष यहां आता है इसमें लगभग 250 कार्यकर्ता है। उन्होंने लोगों से भी इसे हरा-भरा रखने की अपील की व साफ रखने की अपील की उन्होंने बताया की इसकी प्रेरणा हमे स्वच्छ भारत मिशन से और हमें अंतर्मना प्रसन्न सागर महाराज से भी इसकी प्रेरणा मिलती रही है। इस मुहिम में भारतवर्षीय दिगम्बर तीर्थ क्षेत्र कमेटी, एवं जैन श्वेताम्बर सोसायटी पहाड़ की सफाई में बराबर सहयोग करती है।
हाल ही में उपजे विवाद के विषय में साहू ने कहा कि जिसे हम अंतरक्लेश कह सकते हम शिखर जी के लोग भी इसे सुलझाने में लगे हुए है। विवाद यह था कि सम्मेद शिखर तीर्थ को सरकार द्वारा पर्यटक स्थल घोषित किया जा रहा है। इसमें जैन समाज कामयाब हुआ और सरकार द्वारा पर्यटक स्थल घोषित नहीं किया जाए तो उसकी घोषणा भी हुई।जिसको लेकर जैन समाज में आंदोलन किए। रैलीया निकाली गई जो शिखर जी की आबोहवा से बिल्कुल अनभिज्ञ रही।

लेकिन शिखर जी की जो हवा है जैसी पहले थी वैसे ही अभी है। साहू ने कहा कि जैन समाज, नॉन जैन समाज, अदिवासी समाज पूरी तरह से एक है यहां किसी भी प्रकार का कोई अंतरद्वंद नही है। मैं सभी को यह संदेश देना चाहता हु शिखर जी कल भी शांत थी, आज भी शांत है आगे भी रहेगी। 15 तारीख को लगा मेले में पर्वत पर 100000 आदमी आया और दर्शन किए जो यहां की शांति को दर्शाता है। अगर एक लाख आदमी कहीं पहुंच जाता है झड़प हो जाती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ यह शिखर जी का धार्मिक प्रभाव है। और गुरुजनों का आर्शीवाद है। अंतर मना प्रसन्न सागर जी की प्रेरणा से मौजूद प्रसाद में गुड तिल भी वितरण किया गया। शिखरजी पवित्र है और स्वच्छ है। साहू ने यह बात अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी को एक साक्षात्कार में कही।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
